काबुल में हवाई हमलों से मची अफरा-तफरी, तालिबान ने बातचीत की पेशकश की

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हाल ही में हुए हवाई हमलों ने शहर में अफरा-तफरी मचा दी। तालिबान ने पाकिस्तान पर हमलों का आरोप लगाया है और बातचीत के लिए अपनी तत्परता जताई है। इस बीच, दोनों पक्षों ने मरने वालों की अलग-अलग संख्या प्रस्तुत की है। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की पूरी कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
 | 

काबुल में धमाके और गोलीबारी

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में हाल ही में जोरदार धमाकों और गोलीबारी की आवाजें सुनाई दीं, जिससे शहर में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय गवाहों और पत्रकारों के अनुसार, पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा किए गए हवाई हमलों के बाद काबुल के आसमान में काला धुआं और आग की लपटें देखी गईं। यह हिंसा तब हुई जब तालिबान प्रशासन ने बातचीत के लिए अपनी तत्परता जताई थी, जबकि पाकिस्तान के साथ तनाव बढ़ गया है। तालिबान ने पाकिस्तान के हवाई हमलों को 'खुली जंग' करार दिया है।


तालिबान के हमलों पर प्रतिक्रिया

तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने कहा कि पाकिस्तान ने काबुल और कंधार में हमले किए। यह पाकिस्तान का अफगानिस्तान की सरकार के खिलाफ पहला सीधा हमला था, जिसमें आतंकवादियों को पनाह देने का आरोप लगाया गया था, जिसे काबुल ने बार-बार नकारा है।


हवाई हमलों का प्रभाव

हवाई हमले और आम लोगों पर असर

मुजाहिद ने बताया कि हमलों में आम नागरिकों के हताहत होने की खबरें हैं, लेकिन उन्होंने कोई विशेष आंकड़े साझा नहीं किए। काबुल में गवाहों ने बताया कि दो स्थानों से काला धुआं उठ रहा था, और वीडियो फुटेज में धमाकों के बाद आग की लपटें दिखाई दे रही थीं। एम्बुलेंस के सायरन और विमानों की आवाजें भी सुनाई दीं।


बॉर्डर पर बढ़ते तनाव

बॉर्डर पर झड़पें तेज हुईं

पाकिस्तान के सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि तालिबान के ठिकानों पर हवाई हमले किए गए, जो पिछले अफगान हमलों का प्रतिशोध थे। यह हालिया घटनाक्रम पिछले सप्ताहांत में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के बाद हुआ, जिसके बाद अफगान ड्रोन हमले हुए।


बातचीत की पेशकश

मौत के दावों के बीच बातचीत की पेशकश

मुजाहिद ने कहा कि तालिबान नेतृत्व संकट को बातचीत के माध्यम से हल करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, 'इस्लामिक अमीरात ऑफ़ अफ़गानिस्तान हमेशा बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाने का प्रयास करता है।' तालिबान के अनुसार, पाकिस्तानी हमलों ने काबुल, कंधार और पक्तिया को निशाना बनाया। दोनों पक्षों ने मरने वालों की अलग-अलग संख्या प्रस्तुत की है, जो स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं की गई हैं।