कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने केंद्रीय बजट 2026-27 की आलोचना की

कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने केंद्रीय बजट 2026-27 की आलोचना करते हुए कहा कि यह केवल बड़ी घोषणाओं का मंच बनकर रह गया है। उन्होंने पिछले बजटों की घोषणाओं की स्थिति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इस वर्ष के बजट में किए गए वादे कभी पूरे नहीं होंगे। कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने भी बजट को निराशाजनक बताया। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बजट को युवाशक्ति से प्रेरित बताया और कई प्रमुख पहलों की घोषणा की।
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कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने केंद्रीय बजट 2026-27 की आलोचना की

कांग्रेस सांसद की बजट पर टिप्पणी

कांग्रेस के सांसद कार्ति चिदंबरम ने सोमवार को केंद्रीय बजट 2026-27 की तीखी आलोचना की। उन्होंने पिछले वर्ष के बजट में की गई घोषणाओं की स्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस वर्ष के बजट में किए गए वादे कभी पूरे नहीं होंगे। एएनआई से बातचीत में चिदंबरम ने कहा कि यह बजट केवल बड़ी घोषणाओं का मंच बनकर रह गया है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि यह बजट 2047 के लिए उड़ान भरने वाला है, तो पिछले बजटों का क्या? क्या वे 'उड़ान भरने वाले' नहीं थे? ये बजट अब केवल जमीनी घोषणाओं का मंच बन गए हैं। हर कोई इन बड़ी घोषणाओं में खो जाता है, बिना यह सोचे कि पिछले बजटों में की गई जमीनी घोषणाओं का क्या हुआ। यह बजट कई ऐसी घोषणाओं से भरा है जो कभी पूरी नहीं होंगी।


अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

कार्ति चिदंबरम के अलावा, अन्य प्रमुख नेताओं ने भी केंद्रीय बजट 2026-27 की आलोचना की। कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने इसे निराशाजनक और दूरदर्शिता की कमी वाला बताया। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रमुख राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को संबोधित करने में असफल रहा है और गरीबी उन्मूलन तथा विकास के प्रति केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाए।
पत्रकारों से बात करते हुए परमेश्वर ने कहा कि इस वर्ष का केंद्रीय बजट गरीबों के लिए सहायक नहीं है और यह भारत को आगे बढ़ाने में असमर्थ है। क्या गरीबी उन्मूलन, कृषि, उद्योग या अवसंरचना उनकी प्राथमिकता नहीं है?


केंद्रीय वित्त मंत्री का बजट पेश करना

रविवार को, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया, जो उनका लगातार नौवां बजट है। उन्होंने इसे युवाशक्ति से प्रेरित बताते हुए तीन कर्तव्यों पर आधारित बताया। बजट की कुछ प्रमुख घोषणाओं में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए सार्वजनिक पूंजीगत व्यय को बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये करना शामिल है, जो पिछले वर्ष के 11.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। यह सरकार के अवसंरचना-आधारित विकास पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने को दर्शाता है।


बजट की प्रमुख पहलों का विवरण

बजट में प्रमुख पहलों में प्रमुख शहरों को जोड़ने वाले सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का विकास, नए समर्पित माल ढुलाई कॉरिडोर की स्थापना और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए अगले पांच वर्षों में 20 राष्ट्रीय जलमार्गों का संचालन शामिल है। कर व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि यह है कि नया आयकर अधिनियम, 2025, अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा, साथ ही करदाताओं के लिए अनुपालन को सरल बनाने के लिए नए नियम और संशोधित प्रपत्र भी लागू किए जाएंगे। इसके अलावा, बजट में उदारीकृत प्रेषण योजना के तहत विदेशी पर्यटन पैकेजों, शिक्षा और चिकित्सा खर्चों पर स्रोत पर कर (TCS) की दरों में कमी का भी प्रस्ताव है।