कश्मीर में मौसम की बिगड़ती स्थिति: बारिश और बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित

कश्मीर घाटी में मौसम ने एक बार फिर से अपना मिजाज बदल लिया है, जिससे भारी बारिश और बर्फबारी के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। उरी क्षेत्र में भूस्खलन के कारण यातायात ठप हो गया है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में और खराब मौसम की चेतावनी दी है। प्रशासन ने निवासियों और यात्रियों से सावधानी बरतने का आग्रह किया है। जानें इस स्थिति के बारे में और क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
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कश्मीर में मौसम का हाल

कश्मीर घाटी में मौसम ने एक बार फिर से अपना मिजाज बदल लिया है। सुबह से ही मैदानी क्षेत्रों में भारी बारिश हो रही है, जबकि ऊंचे पहाड़ों पर बर्फबारी हो रही है, जिससे स्थानीय जनजीवन पर असर पड़ा है। मुख्य सड़कों पर जलभराव और फिसलन के कारण वाहनों की गति धीमी हो गई है, और कुछ स्थानों पर यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है.


उरी में भूस्खलन से यातायात बाधित

उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले के उरी क्षेत्र में एक बड़े भूस्खलन के कारण सड़क पर यातायात रुक गया। मलबा और चट्टानें मुख्य सड़क पर गिरने से कई वाहन फंस गए। प्रशासन ने तुरंत बचाव कार्य के लिए टीमों को भेजा, लेकिन खराब मौसम के कारण राहत कार्य में कठिनाई आ रही है.


मौसम विभाग का अलर्ट

मौसम विभाग ने बताया कि घाटी में शाम तक हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी जारी रहने की संभावना है। 31 मार्च को तेज हवाओं के साथ कुछ स्थानों पर हल्की बारिश का अनुमान है। 3 से 4 अप्रैल तक बादल छाए रहेंगे, और कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है. मौसम विभाग ने 10 अप्रैल तक मौसम के अस्थिर रहने की चेतावनी दी है.


सावधानी बरतने की सलाह

मौसम विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ने की चेतावनी दी है। निवासियों और यात्रियों से सावधानी बरतने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने का अनुरोध किया गया है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे 31 मार्च से 2 अप्रैल के बीच खेती के काम फिर से शुरू कर सकते हैं, जब मौसम बेहतर रहने की उम्मीद है.


यात्रियों के लिए सलाह

प्रशासन ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे ट्रैफिक संबंधी सलाहों का पालन करें और मौजूदा मौसम को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना सावधानीपूर्वक बनाएं। राहत और बचाव टीमों द्वारा मलबा हटाने के प्रयास लगातार जारी हैं.