एनआईए की 2025 में प्रमुख उपलब्धियां: आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2025 में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, जिसमें 26/11 हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण और पहलगाम में आतंकवादी हमले की जांच शामिल है। एनआईए ने जिहादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई को तेज किया है और मानव तस्करी के मामलों में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है। इस वर्ष एजेंसी ने 276 गिरफ्तारियां कीं और आतंकवाद-विरोधी क्षमताओं को बेहतर बनाने के लिए कई तकनीकी प्रगति की हैं। जानें एनआईए की अन्य उपलब्धियों के बारे में।
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एनआईए की सफलता की कहानी

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने वर्ष 2025 में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों का सामना किया। इसने 92% से अधिक दोषसिद्धि दर बनाए रखी और कई महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं, जिनमें 26/11 हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण और पहलगाम तथा दिल्ली में आतंकवादी हमलों में शामिल कई संदिग्धों की गिरफ्तारी शामिल हैं.


तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण

अप्रैल में, तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया गया, जो 2008 के मुंबई हमलों और अन्य हमलों की साजिश में शामिल था। यह एनआईए के लिए 26/11 की जांच में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी, जिसमें 166 लोग मारे गए थे.


अनमोल बिश्नोई का प्रत्यर्पण

एनआईए ने गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से प्रत्यर्पित करने में भी सफलता प्राप्त की। वह 2022 से फरार था और उसके खिलाफ दिल्ली में आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित मामलों में त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए एजेंसी ने प्रयास किए.


पहलगाम हमले की जांच

एनआईए ने पहलगाम आतंकवादी हमले की जांच में भी महत्वपूर्ण प्रगति की। इस मामले में सात आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया, जिनमें से तीन आतंकवादी धर्म आधारित लक्षित हत्याओं में शामिल थे.


लाल किले में कार विस्फोट

दिल्ली के लाल किले में हुए कार विस्फोट की जांच में भी एनआईए ने तेजी दिखाई। इस हमले में 11 लोगों की जान गई थी और एजेंसी ने दो महीने के भीतर नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया.


नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई

एनआईए ने वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) के खिलाफ अपनी कार्रवाई में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है। केंद्र सरकार ने 31 मार्च 2026 तक भारत को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा है.


गिरफ्तारी और आरोपपत्र

इस वर्ष एनआईए ने 55 मामलों में कुल 276 गिरफ्तारियां कीं, जिनमें जिहादी मामलों में 67, एलडब्ल्यूई मामलों में 74 और खालिस्तान मामलों में 28 आरोपी शामिल हैं.


मानव तस्करी के खिलाफ कार्रवाई

एनआईए ने मानव तस्करी के मामलों में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है, जिसमें बांग्लादेशी और म्यांमार के नागरिकों से जुड़े मामले शामिल हैं.


जिहादी संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

इस वर्ष एनआईए ने आईएसआईएस, अल-कायदा और अन्य जिहादी संगठनों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को तेज किया, जिसमें कई महत्वपूर्ण मामले शामिल थे.


अवैध हथियारों की तस्करी

एनआईए ने पूर्वोत्तर में विद्रोही समूहों के खिलाफ भी कई मामले दर्ज किए, जिसमें अवैध हथियारों और गोला-बारूद की बरामदगी शामिल है.


आतंकवाद-विरोधी क्षमताओं में सुधार

एनआईए ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी क्षमताओं को बेहतर बनाने के लिए कई तकनीकी और परिचालन संबंधी प्रगति की है.


क्रिप्टोकरेंसी जांच पर कार्यशाला

क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित आपराधिक गतिविधियों से निपटने के लिए एनआईए ने एक उन्नत कार्यशाला का आयोजन किया, जिससे कानून प्रवर्तन अधिकारियों को सशक्त बनाने का प्रयास किया गया.