उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 की तैयारी: डिजिटल प्रक्रिया का ऐलान

उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 की तैयारी पूरी हो चुकी है। IAS शीतल वर्मा ने इस ऐतिहासिक कार्यक्रम की घोषणा की है, जिसमें पहली बार पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप में होगी। जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी, जिसमें पहले चरण में मकानों की सूची बनाई जाएगी और दूसरे चरण में वास्तविक जनसंख्या की गणना की जाएगी। इस बार तकनीक का भरपूर उपयोग किया जाएगा, जिससे नागरिक खुद अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। जानें इस महाभियान के बारे में और क्या-क्या विशेषताएं होंगी।
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उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 का ऐतिहासिक कार्यक्रम

उत्तर प्रदेश की बड़ी जनसंख्या को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने की योजना पूरी हो चुकी है। मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी, IAS शीतल वर्मा ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में 'जनगणना 2027' के विस्तृत कार्यक्रम का ऐलान किया है। यह देश की 16वीं और आजादी के बाद की 8वीं जनगणना होगी, जो कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है, क्योंकि इसे पूरी तरह से डिजिटल रूप में किया जाएगा।


जनगणना प्रक्रिया के दो चरण

IAS शीतल वर्मा ने बताया कि इस जनगणना अभियान को दो चरणों में विभाजित किया गया है। पहले चरण में मकानों की सूची बनाई जाएगी, जिसमें 'स्वगणना' का विकल्प भी उपलब्ध होगा, जो 7 मई से 21 मई 2026 तक खुला रहेगा। इसके बाद, 22 मई से 30 जून 2026 तक फील्ड कर्मचारी घर-घर जाकर मकानों की गणना करेंगे।


फरवरी 2027 में जनसंख्या की वास्तविक गणना

मकानों की जानकारी के बाद, फरवरी 2027 में दूसरे चरण के तहत वास्तविक जनसंख्या की गणना की जाएगी। शीतल वर्मा ने बताया कि इस विशाल कार्य के लिए 5.50 लाख कर्मियों की टीम तैनात की जाएगी, जिन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। पूरे देश में 8 राष्ट्रीय प्रशिक्षकों का चयन किया गया है, जो इस प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक बनाएंगे।


डिजिटल इंडिया की दिशा में कदम

इस बार की जनगणना में तकनीक का भरपूर उपयोग किया जाएगा। 1872 में शुरू हुए इस सफर में पहली बार नागरिक डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। हालांकि, सुरक्षा के दृष्टिकोण से पहले चरण में डिफेंस क्षेत्रों को शामिल नहीं किया गया है, लेकिन दूसरे चरण में वहां भी गणना की जाएगी। राजस्व ग्रामों की 'आबाद' और 'गैरआबाद' स्थिति भी इसी डेटा के आधार पर निर्धारित होगी। 10 मई 2026 तक प्रदेश स्तर की अधिकांश तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी और इसके लिए व्यापक प्रचार अभियान भी चलाया जाएगा।