उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे पर टोल दरों में वृद्धि, जानें नई दरें

उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे पर 1 अप्रैल 2026 से टोल दरों में वृद्धि की गई है। आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर नई दरें लागू हो गई हैं। जहां आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर टोल में वृद्धि हुई है, वहीं पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर छोटे वाहनों के लिए दरें स्थिर हैं। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर भी टोल में मामूली वृद्धि हुई है। जानें सभी नई दरें और इसके पीछे के कारण।
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टोल दरों में बदलाव

उत्तर प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने वालों के लिए 1 अप्रैल 2026 से टोल शुल्क में वृद्धि की गई है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) ने नए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए टोल की नई दरें लागू की हैं। यदि आप आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल या बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का उपयोग कर रहे हैं, तो अपने फास्टैग बैलेंस और जेब का ध्यान रखें, क्योंकि टोल शुल्क में ₹5 से लेकर ₹85 तक का इजाफा किया गया है।


आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे

आगरा से लखनऊ के बीच यात्रा अब थोड़ी महंगी हो गई है। यूपीडा द्वारा जारी नई दरों के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे पर दोपहिया, तिपहिया और ट्रैक्टर के लिए टोल ₹335 निर्धारित किया गया है। यह वार्षिक संशोधन हर साल की तरह इस बार भी लागू किया गया है।


पूर्वांचल एक्सप्रेसवे

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर छोटे वाहनों के लिए टोल में कोई वृद्धि नहीं की गई है। यहां दोपहिया और तिपहिया वाहनों के लिए टोल टैक्स ₹350 ही रहेगा।


बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे

बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर भी छोटे वाहनों के लिए टोल दरें पहले की तरह ही रहेंगी। इस रूट पर यात्रा करने के लिए आपको ₹315 का भुगतान करना होगा।


गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे

गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर कार चालकों के लिए टोल में ₹10 की वृद्धि की गई है। यह बढ़ोतरी भले ही छोटी हो, लेकिन नियमित यात्रियों के लिए यह बजट पर असर डाल सकती है।


दरें बढ़ाने का कारण

यूपीडा के अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे पर सुविधाओं, सुरक्षा इंतजामों और रखरखाव के खर्च को देखते हुए यह वार्षिक वृद्धि आवश्यक है। हर साल एंट्री पॉइंट से एग्जिट पॉइंट तक की दूरी के आधार पर इन दरों में मामूली बदलाव किया जाता है।