ईरान में सत्ता संघर्ष: ट्रंप का दावा और इजराइल की एयरस्ट्राइक

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व के समाप्त होने का दावा किया है, जिससे तेहरान में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ गई है। इजराइल ने ईरान के खिलाफ 50 फाइटर जेट्स से हमले किए, जबकि ईरान ने सऊदी अरब और दुबई में अमेरिकी ठिकानों पर जवाबी कार्रवाई की। इस बीच, हूती विद्रोही भी इस संघर्ष में शामिल हो गए हैं। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और अधिक।
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ट्रंप का चौंकाने वाला बयान

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ चल रही जंग के बीच एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि ईरान के शीर्ष नेता पूरी तरह से समाप्त हो चुके हैं, जिससे तेहरान में राजनीतिक अस्थिरता बढ़ गई है। ट्रंप ने यह भी कहा कि नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई अब जीवित नहीं हैं और देश का नेतृत्व ढांचे में गंभीर संकट है।


इजराइल की एयरस्ट्राइक

मियामी में एक सम्मेलन में बोलते हुए ट्रंप ने कहा, 'उनका सुप्रीम लीडर अब सुप्रीम नहीं रहा, वह मर चुका है।' उन्होंने यह भी बताया कि ईरान के अन्य प्रमुख नेता भी मारे जा चुके हैं। इजराइल ने ईरान के अंदर 50 फाइटर जेट्स से हमले किए, जिसमें हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया।


ईरान का जवाब

ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया, जिसमें कई सैनिक घायल हुए। इसके अलावा, ईरान ने कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी ड्रोन हमले किए, जिससे हवाई अड्डे की रडार प्रणाली को नुकसान पहुंचा।


हूती विद्रोहियों का शामिल होना

ईरान-इजराइल संघर्ष के 28 दिन बाद, हूती विद्रोही भी इस जंग में शामिल हो गए हैं। उन्होंने इजरायल की ओर मिसाइल दागने का दावा किया, लेकिन इजरायली सेना ने इसे रोकने का दावा किया।


दुबई पर हमले का दावा

ईरान ने दुबई में अमेरिकी सेना के ठिकानों पर हमले का दावा किया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, इन ठिकानों में 500 से अधिक अमेरिकी सैनिक मौजूद थे। ईरान के प्रवक्ता ने कहा कि यह क्षेत्र अमेरिकी सैनिकों के लिए खतरनाक बन जाएगा।