ईरान पर हमलों के बीच अमेरिका और इजराइल की बढ़ती गतिविधियाँ

अमेरिका और इजराइल के हमलों के चलते ईरान की राजधानी तेहरान में बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई है। ईरान ने इन हमलों का जवाब देने का संकल्प लिया है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति ने जमीनी कार्यवाही की धमकी दी है। जानें इस संघर्ष के पीछे की वजहें और ईरान की प्रतिक्रिया के बारे में।
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ईरान में बिजली संकट और हमलों का असर

अमेरिका और इजराइल के हमले ईरान पर लगातार जारी हैं। इस संघर्ष के 30वें दिन, तेहरान में बिजली की आपूर्ति बाधित हो गई है, जो कि इजराइल के हवाई हमलों का परिणाम है। ईरान के उप ऊर्जा मंत्री अब्बास अलीबादी ने बताया कि अलबोर्ज प्रांत में पावर ग्रिड को नुकसान पहुंचा है, जिससे तेहरान और करज के कई क्षेत्रों में बिजली गुल हो गई है। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि बिजली की आपूर्ति जल्द ही बहाल कर दी जाएगी। इसके साथ ही, ईरान के खंडास में स्थित भारी जल उत्पादन संयंत्र को भी हमलों का निशाना बनाया गया है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने इस घटना की पुष्टि की है और बताया है कि संयंत्र को गंभीर नुकसान हुआ है।


ईरान का जवाब और अमेरिकी धमकियाँ

संयंत्र में कोई घोषित परमाणु सामग्री नहीं है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर दबाव बनाने के लिए पानी और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को निशाना बनाया है। इसके बावजूद, ईरान ने झुकने से इनकार कर दिया है और जवाबी हमले जारी रखे हैं। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने कहा है कि वे अमेरिका और इजराइल से जुड़े ठिकानों पर कार्रवाई कर रहे हैं। आईआरजीसी के एरोस्पेस कमांडर सैयद माजिद मौसवी ने बताया कि अब तक उन्होंने कई औद्योगिक संयंत्रों को निशाना बनाया है। ये खबर आप गज़ब वायरल में पढ़ रहे हैं। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में जमीनी कार्यवाही की धमकी दी है।


अमेरिकी सैनिकों की तैनाती

अमेरिकी जहाज त्रिपोली 3500 सैनिकों के साथ वेस्ट एशिया वार जोन में पहुंच चुका है। इस पर आईआरजीसी के प्रवक्ता इब्राहिम जुल्फाकारी ने कहा कि ईरान के किसी भी हिस्से पर जमीनी कार्यवाही की धमकी का जवाब देने के लिए वे तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इस्लाम के योद्धा लंबे समय से ऐसी कार्यवाहियों का इंतजार कर रहे थे, जिससे यह साबित हो सके कि आक्रमण का परिणाम केवल आक्रमणकारियों की बेइज्जती और नुकसान होगा। जुल्फाकारी ने ट्रंप को दुनिया का सबसे झूठा राष्ट्रपति बताया।