ईरान का होर्मुज स्ट्रेट पर टोल वसूली का नया प्लान
सीजफायर के बाद होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति
सीजफायर के बाद होर्मुज स्ट्रेट खुलने की संभावना है, लेकिन ईरान का प्रभाव समाप्त नहीं होगा। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, ईरान अपने होर्मुज प्लान को सक्रिय करने की तैयारी कर रहा है, जिसके तहत वह युद्ध के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए टोल वसूलेगा। ओमान भी इस प्रक्रिया में शामिल होगा, क्योंकि होर्मुज का कुछ हिस्सा ओमान की सीमा में आता है। इसलिए, भले ही सीजफायर के बाद तेल की आपूर्ति शुरू हो जाए, लेकिन यह माना जा रहा है कि सभी देशों को अपने जहाजों और टैंकरों के लिए ईरान और ओमान को भारी शुल्क चुकाना होगा। यही कारण है कि युद्ध समाप्त होने के बावजूद अरब देश होर्मुज का विकल्प खोजते रहेंगे.
होर्मुज से होने वाली कमाई
जिस होर्मुज ने ईरान को युद्ध में बढ़त दिलाई, वही अब उसे आर्थिक लाभ पहुंचाने वाला है। आंकड़ों के अनुसार, युद्ध से पहले यहां प्रतिदिन लगभग 138 टैंकर और जहाज गुजरते थे, जिससे लगभग 2 करोड़ बैरल कच्चे तेल की आपूर्ति होती थी।
ईरान की संभावित कमाई
जानकारी के अनुसार, ईरान प्रति जहाज 18.8 करोड़ रुपये वसूल सकता है। इस हिसाब से, होर्मुज में एक दिन में लगभग 2,482 करोड़ रुपये की वसूली हो सकती है। यदि यह टोल वसूली शुरू होती है, तो ईरान को हर महीने 41,569 करोड़ रुपये की आय हो सकती है।
इजराइल का प्रतिरोध
इजराइल ने पिछले महीने से ही ईरान के इस प्लान को विफल करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। उसने अरब देशों को सलाह दी है कि वे तेल व्यापार के लिए इजराइल से संपर्क करें। इसके लिए, फारस की खाड़ी से जॉर्डन के रास्ते एक पाइपलाइन बनाने की योजना बनाई जा रही है।
ईरान की चेतावनी
ईरान ने अमेरिकी युद्ध के दौरान होर्मुज को बंद करके अरब देशों को चेतावनी दी है। इसके बाद से यह चर्चा चल रही है कि फारस की खाड़ी से तेल की आपूर्ति का विकल्प क्या हो सकता है। इजराइल ने अरब देशों को भूमध्य सागर से जोड़ने का प्रस्ताव दिया है।
पाइपलाइन की सीमित क्षमता
पाइपलाइन की क्षमता सीमित होती है, जिससे एक निश्चित समय में सीमित मात्रा में तेल की आपूर्ति की जा सकती है। हालांकि, दुनिया की मांग इससे कहीं अधिक है।
अरब देशों की एकता
अब अरब देश ईरान के खिलाफ एकजुट हो चुके हैं, जो कई बड़े प्रोजेक्ट्स की सफलता का कारण बन सकता है। इजराइल और अरब देशों के बीच ऊर्जा हब बनाने की योजना पर काम चल रहा है।
तेल की कीमतों पर प्रभाव
हालांकि ट्रंप ईरान के साथ युद्ध समाप्त कर सकते हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्या दुनिया सामान्य स्थिति में लौटेगी या नए विवादों का जन्म होगा। होर्मुज में टोल वसूली का असर तेल की कीमतों और व्यापार की गति पर भी पड़ेगा।
