ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव बढ़ा

ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव फिर से बढ़ गया है। सीजफायर की डेडलाइन के करीब आते ही ईरान ने जहाजों के लिए नई शर्तें निर्धारित की हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने जलडमरूमध्य को खुला रखने की पुष्टि की है, जबकि ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने नाकाबंदी जारी रखी, तो जलडमरूमध्य बंद हो सकता है। जानें इस जटिल स्थिति के पीछे के कारण और दोनों देशों के बीच बातचीत की कोशिशों के बारे में।
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तनाव की नई परतें

ईरान और अमेरिका के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव बढ़ा

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की समयसीमा के नजदीक आते ही होर्मुज जलडमरूमध्य पर तनाव फिर से बढ़ने लगा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने जलडमरूमध्य में प्रवेश करने वाले जहाजों के लिए कुछ नई शर्तें निर्धारित की हैं। एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया गया है कि सभी प्रकार के आवागमन के लिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स से अनुमति लेना अनिवार्य है।

नागरिक जहाजों को केवल ईरान द्वारा निर्धारित मार्ग से गुजरने की अनुमति है, जबकि सैन्य जहाजों के लिए अभी भी प्रतिबंध लागू हैं। यदि अनुमति नहीं ली जाती है, तो जलडमरूमध्य को फिर से बंद किया जा सकता है। ईरान की आईआरजीसी ने इन शर्तों को एक ‘नई व्यवस्था’ के रूप में पेश किया है, जो सीजफायर समझौते की शर्तों के अनुरूप है। हालांकि, इस बयान में उन विवरणों का उल्लेख नहीं किया गया था, जिन्हें अराघची ने पहले स्पष्ट नहीं किया था।

अराघची ने कहा था कि “लेबनान में संघर्ष-विराम के अनुसार होर्मुज जलडमरूमध्य से सभी वाणिज्यिक जहाजों के गुजरने का मार्ग पूरी तरह से खुला है।” इससे पहले, ईरान के कई सरकारी मीडिया ने उनकी घोषणा का विरोध किया था। तस्नीम ने उनकी पोस्ट को “त्रुटिपूर्ण और अधूरा” बताते हुए चेतावनी दी थी कि इससे जलडमरूमध्य को फिर से खोलने में अनावश्यक अस्पष्टता उत्पन्न हुई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस बात की पुष्टि की कि होर्मुज जलडमरूमध्य “पूरी तरह से खुला” है। ट्रंप ने लिखा, “ईरान ने अभी-अभी घोषणा की है कि उनका जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुला है और आवाजाही के लिए तैयार है।”

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है। दोनों देशों के बीच बातचीत की कोशिशें जारी हैं, लेकिन बयानबाजी ने स्थिति को और अधिक गरमा दिया है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि ट्रंप ने एक घंटे में सात झूठे दावे किए। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे किन बयानों की बात कर रहे थे। गालिबाफ ने ट्रंप को चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखी, तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने पर मजबूर हो सकता है।

गालिबाफ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि होर्मुज से जहाजों की आवाजाही केवल निर्धारित मार्ग और ईरानी अनुमति के आधार पर होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि नाकाबंदी जारी रही, तो जलडमरूमध्य खुला नहीं रहेगा।

ट्रंप ने ईरान के संबंध में कई बड़े दावे किए हैं। उनके अनुसार, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने और इसे कभी बंद न करने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक दोनों देशों के बीच कोई अंतिम समझौता नहीं हो जाता।

ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका को सौंप देगा और अपने परमाणु कार्यक्रम को अनिश्चित समय के लिए रोकने पर सहमत हो गया है।

यह बयान उस समय आया है जब ईरान ने घोषणा की थी कि युद्धविराम की अवधि के दौरान सभी व्यापारिक जहाजों के लिए होर्मुज जलमार्ग पूरी तरह खुला रहेगा। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा था कि यह व्यवस्था केवल पहले से तय मार्गों के आधार पर लागू होगी। हालांकि, ट्रंप ने फिर से सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि जब तक समझौता नहीं होता, तब तक ईरान के खिलाफ नौसैनिक नाकाबंदी जारी रहेगी।