ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु वार्ता की संभावनाएं बढ़ीं
ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की संभावनाएं बढ़ रही हैं। ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि वे तनाव कम करने के लिए अपने परमाणु कार्यक्रम को निलंबित करने पर विचार कर सकते हैं। यह कदम अमेरिका के साथ किसी समझौते की दिशा में एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बातचीत में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अपनी प्रमुख मांगों में रखा है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और क्या ईरान और अमेरिका किसी समझौते पर पहुंच पाएंगे।
| Feb 3, 2026, 13:59 IST
परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की तैयारी
तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा के लिए ईरान और अमेरिका के बीच सहमति की खबरें सामने आई हैं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि दोनों देशों के बीच तनाव को कम करने के लिए तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम को निलंबित या समाप्त करने पर विचार कर सकता है। यह अमेरिका के साथ किसी भी समझौते में यूरेनियम संवर्धन को रोकने के ईरान के स्थायी रुख के विपरीत है। अधिकारियों ने एक प्रमुख समाचार पत्र को बताया कि ट्रंप द्वारा हमले की धमकियों के चलते अमेरिका के साथ तनाव कम करने के लिए तेहरान अपने वर्तमान रुख में बदलाव करने को तैयार है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि पिछले साल अमेरिका द्वारा इजरायल के साथ 12 दिनों के युद्ध और ईरान के परमाणु संयंत्रों पर हमले से पहले प्रस्तुत वैकल्पिक प्रस्ताव अधिक व्यवहारिक विकल्प हो सकता है। इस प्रस्ताव के तहत, परमाणु ऊर्जा का उपयोग कर बिजली उत्पादन के लिए एक संघ का गठन किया जाएगा, जिसमें यूरेनियम का संवर्धन ईरान के बाहर किया जाएगा।
ईरानी नेतृत्व का समर्थन
हाल के हफ्तों में, ईरानी नेतृत्व ने जनता को चेतावनी दी है कि देश की स्थिति उनके नियंत्रण से बाहर हो चुकी है। यह बयान इस बात का संकेत है कि उन्हें अमेरिका के साथ बातचीत के लिए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खोमेनेई का समर्थन प्राप्त है, जिन्होंने पहले ऐसे संवाद को अस्वीकार किया था। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान और अमेरिका किसी समझौते पर पहुंच पाएंगे या नहीं, खासकर इसलिए क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बातचीत की प्रक्रिया में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अपनी प्रमुख मांगों में रखा है।
ट्रंप का बमबारी आदेश
ट्रंप ने जून में इजराइल द्वारा शुरू किए गए 12 दिवसीय युद्ध के दौरान ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर बमबारी का आदेश दिया था। पेजेशकियान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि यह निर्णय ‘क्षेत्र के मित्र देशों की ओर से अमेरिका के राष्ट्रपति के बातचीत के प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देने के अनुरोध’ पर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मैंने अपने विदेश मंत्री को निर्देश दिया है कि यदि उपयुक्त माहौल हो, यानी धमकियों और अनुचित अपेक्षाओं से मुक्त वातावरण, तो वह गरिमा, विवेक और दूरदर्शिता के सिद्धांतों के अनुरूप तर्कसंगत और न्यायसंगत बातचीत को आगे बढ़ाएं। अमेरिका ने अभी तक इस तरह की बातचीत की पुष्टि नहीं की है।
