इजराइल की लेबनान पर बमबारी: सीजफायर के बावजूद जारी संघर्ष
इजराइल की बमबारी से लेबनान में तबाही
अमेरिका और इजराइल के बीच ईरान के खिलाफ युद्ध में दो हफ्ते के सीजफायर की घोषणा के कुछ घंटों बाद, इजराइली सेना ने लेबनान में भीषण बमबारी की। इस हमले में सैकड़ों लोग मारे गए हैं। इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने बताया कि उन्होंने मात्र 10 मिनट में लगभग 100 ठिकानों पर हमला किया। लेबनान के सिविल डिफेंस के अनुसार, बेरूत, बेका घाटी, माउंट लेबनान, सिडोन और दक्षिणी लेबनान के कई गांवों को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमलों में कम से कम 254 लोग मारे गए और 1165 अन्य घायल हुए।
हमले की तीव्रता और इजराइल का दावा
इजराइल के प्रधानमंत्री ने इस हमले की तुलना नवंबर 2024 में हिजबुल्लाह पर किए गए पेजर अटैक से की है। हालांकि, ये हमले रिहायशी क्षेत्रों में किए गए हैं, जिनमें दक्षिणी बेरूत, बेका घाटी और दक्षिण लेबनान के कई हिस्से शामिल हैं। इजराइल की सेना ने कहा कि उसने 2 मार्च को एक नया सैन्य ऑपरेशन शुरू करने के बाद से लेबनान में सबसे बड़ा समन्वित हमला किया है। उनका दावा है कि ऑनलाइन मीटिंग से लोकेशन ट्रैक कर हिजबुल्लाह अधिकारियों को निशाना बनाया गया।
लेबनान पर हमलों की निरंतरता
नेतन्याहू ने कहा कि संघर्ष विराम में लेबनान शामिल नहीं है और उन्होंने हिजबुल्लाह के खिलाफ हमले जारी रखने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, "हम हिजबुल्लाह पर हमले जारी रखेंगे, इजराइल की उंगली ट्रिगर पर है और वह किसी भी समय ईरान के साथ लड़ाई में लौटने के लिए तैयार है।" नेतन्याहू ने इन हालिया हमलों को पेजर अटैक से भी बढ़ा बताया, जिसमें लगभग 3000 हिजबुल्लाह सदस्य घायल हुए थे।
पेजर अटैक का महत्व
पेजर अटैक 17 और 18 सितंबर 2024 को लेबनान और कुछ हद तक सीरिया में हुआ एक महत्वपूर्ण सुरक्षा हमला था। इसमें हिजबुल्लाह के सदस्यों द्वारा उपयोग किए जा रहे हजारों पेजर और सैकड़ों वॉकी-टॉकी एक साथ विस्फोटित हुए थे। हिजबुल्लाह आपस में संपर्क रखने के लिए पेजर का उपयोग करता है, और इजराइल की सुरक्षा एजेंसियों ने इसे अपने अधिकार में लेकर विस्फोट किए थे। इसके परिणामस्वरूप हिजबुल्लाह का आपसी संपर्क काफी कमजोर हो गया था।
