असम में मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का शपथ ग्रहण समारोह

असम में आज भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में आने जा रही है। गुवाहाटी में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि होंगे। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के साथ चार अन्य नेताओं को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। सरमा का राजनीतिक सफर कांग्रेस से भाजपा तक का है, जिसमें उन्होंने पूर्वोत्तर में पार्टी के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जानिए उनके सफर के बारे में और इस समारोह की खास बातें।
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मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह

आज असम में भाजपा तीसरी बार सत्ता में आने जा रही है। गुवाहाटी के खानापारा में वेटरनरी कॉलेज ग्राउंड पर शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के साथ चार अन्य प्रमुख नेताओं को भी कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ दिलाई जाएगी.


हिमंता बिस्वा सरमा का राजनीतिक सफर

हिमंता बिस्वा सरमा ने 10 मई 2021 को असम के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी।


लगभग 20 वर्षों तक कांग्रेस में रहने के बाद, उन्होंने 23 अगस्त 2015 को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया।


सरमा को नॉर्थईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस का संयोजक बनाया गया, और उन्होंने पूर्वोत्तर में भाजपा के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


2016 और 2021 के विधानसभा चुनावों में, उन्होंने पार्टी की चुनावी रणनीति और प्रचार का नेतृत्व किया, जिससे भाजपा ने असम में पहली बार सत्ता हासिल की और फिर से जीत दर्ज की।


2021 के चुनावों में जीत के बाद, 9 मई को भाजपा विधायक दल की बैठक में निवर्तमान मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया।


अब, मई 2026 में भाजपा की लगातार तीसरी जीत के बाद, वे दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए तैयार हैं.


हिमंता सरमा का राजनीतिक दृष्टिकोण

हिमंता सरमा का राजनीतिक सफर कांग्रेस से भाजपा तक की रणनीति, पूर्वोत्तर में पार्टी के विस्तार और विधानसभा चुनावों में सफलता से भरा रहा है.