अमेरिकी विदेश मंत्री ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के अंत की घोषणा की

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के समापन की घोषणा की, जो ईरान के खिलाफ एक बड़े सैन्य संघर्ष का हिस्सा था। इस ऑपरेशन का उद्देश्य अली खामेनेई की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकना था। रुबियो ने कहा कि अमेरिका अब शांति का मार्ग अपनाना चाहता है, जबकि उन्होंने ईरान को चेतावनी दी कि उसे अमेरिका की इच्छाशक्ति को परखने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। जानें इस घटनाक्रम के पीछे की कहानी और इसके संभावित प्रभाव।
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ऑपरेशन का समापन और उसके प्रभाव

गुरुवार तड़के, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यह घोषणा की कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी समाप्त हो गया है। यह ऑपरेशन दो महीने से अधिक समय तक चला, जो अमेरिका और इज़राइल के बीच ईरान के खिलाफ एक बड़े सैन्य संघर्ष के कारण उत्पन्न अशांति का अंत करता है। इस संघर्ष का उद्देश्य अली खामेनेई की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकना था, जिसने तेहरान में राजनीतिक उथलपुथल को जन्म दिया। खामेनेई की हत्या के बाद, उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता नियुक्त किया गया, जो सत्ता में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है।


अमेरिकी विदेश मंत्री ने ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के अंत की घोषणा की


रुबियो ने कहा कि ऑपरेशन के उद्देश्यों को पूरा कर लिया गया है और अब शांति का मार्ग अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी बताया कि ट्रम्प एक समझौते को प्राथमिकता देंगे, जिसे ईरान ने अब तक स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री स्थिरता को बहाल करने के महत्व पर जोर दिया, जो वैश्विक तेल परिवहन का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। कई देशों ने अमेरिका से अपने जहाजों को सुरक्षित करने और जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने में मदद करने का अनुरोध किया।


रुबियो ने कहा कि अमेरिका अपने मित्र देशों की मदद करेगा और तेहरान जैसे दुष्ट शासनों का डटकर सामना करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान को अमेरिका की इच्छाशक्ति को परखने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, खासकर राष्ट्रपति ट्रम्प के शासनकाल में।