अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर सहमति

अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को धीरे-धीरे हटाने पर सहमति बनी है। यह समझौता वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करने वाले तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। रिपोर्टों के अनुसार, दोनों पक्ष एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने के करीब हैं, जिससे युद्ध समाप्त करने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। जानें इस समझौते के पीछे की कहानी और इसके संभावित प्रभावों के बारे में।
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अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर सहमति gyanhigyan

अमेरिका और ईरान के बीच समझौता

हालिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को धीरे-धीरे समाप्त करने और इसके बदले में जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर सहमति बनाई है। अल अरबिया के मुताबिक, दोनों देशों ने इस समझौते पर गुरुवार को सहमति जताई। ईरान ने युद्ध की शुरुआत में इस जलडमरूमध्य को अवरुद्ध कर दिया था, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा आई थी.


जलडमरूमध्य की स्थिति

अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य पर सहमति


सूत्रों ने अल अरबिया से बातचीत में बताया कि जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए नाकाबंदी में ढील देने के संबंध में समझौते हुए हैं। आने वाले घंटों में जलडमरूमध्य में फंसे जहाजों को मुक्त किया जाएगा। इससे पहले, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि जलडमरूमध्य नहीं खोला गया, तो ईरान पर और अधिक बमबारी की जाएगी।


समझौते की संभावनाएं

अमेरिकी मीडिया के अनुसार, अमेरिका और ईरान युद्ध समाप्त करने के लिए एक पृष्ठ के सहमति पत्र को मंजूरी देने के करीब हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका को उम्मीद है कि ईरान अगले 48 घंटों में प्रमुख बिंदुओं पर अपनी प्रतिक्रिया देगा। यह पहली बार है जब दोनों पक्ष किसी समझौते के इतने करीब पहुंचे हैं।


ट्रंप की चेतावनी

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि यदि ईरान पहले से तय शर्तों को मानता है, तो वर्तमान सैन्य अभियान समाप्त हो जाएगा। समुद्री नाकाबंदी हट जाएगी और होर्मुज जलडमरूमध्य सभी के लिए खुल जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरान सहमति नहीं देता, तो बमबारी शुरू होगी, जो पहले की तुलना में अधिक तीव्र होगी।


समझौते की शर्तें

रिपोर्ट के अनुसार, इस समझौते में ईरान परमाणु संवर्धन को अस्थायी रूप से रोकने पर सहमत होगा, जबकि अमेरिका उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटा देगा और ईरान के अरबों डॉलर के फ्रीज किए गए धन के उपयोग की अनुमति देगा।