अमेरिका और ईरान के बीच तनाव: ट्रंप ने शुरू की होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकाबंदी
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है, खासकर जब ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकाबंदी की घोषणा की। इस्लामाबाद में वार्ता के असफल होने के बाद, ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने ईरान पर हमले की चेतावनी दी है और वैश्विक व्यापार पर संभावित संकट की बात की है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। जानें इस जटिल स्थिति के बारे में और अधिक।
| Apr 12, 2026, 19:47 IST
अमेरिका का सैन्य निर्णय
इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता के असफल होने के बाद, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण सैन्य निर्णय लिया है। ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिकी नौसेना तुरंत होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकाबंदी शुरू करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में उन जहाजों को भी रोका जाएगा जिन्होंने ईरान को टोल टैक्स का भुगतान किया है।
होर्मुज में सैन्य अभियान की शुरुआत
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने पुष्टि की है कि उनके दो युद्धपोत (डेस्ट्रॉयर) होर्मुज जलडमरूमध्य में पहुंच चुके हैं। यहां अमेरिकी सेना ने ‘माइन-क्लियरिंग’ अभियान शुरू किया है, जिसका उद्देश्य ईरान द्वारा बिछाई गई समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाना है। एडमिरल ब्रैड कूपर के अनुसार, आने वाले दिनों में पानी के नीचे काम करने वाले आधुनिक ड्रोन भी इस अभियान का हिस्सा बनेंगे, ताकि वैश्विक शिपिंग कंपनियों के लिए एक सुरक्षित समुद्री मार्ग तैयार किया जा सके।
ट्रंप का कड़ा रुख
ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में बताया कि इस्लामाबाद बैठक में अधिकांश मुद्दों पर सहमति बन गई थी, लेकिन ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर मतभेद बने रहे। ट्रंप ने कहा, ‘ईरान ने परमाणु हथियार छोड़ने से इनकार कर दिया, जिससे वार्ता विफल हुई। अब चाहे समझौता हो या न हो, मेरे लिए होर्मुज को सुरक्षित करना और वहां से अवैध वसूली रोकना प्राथमिकता है।’
ईरान पर हमले की चेतावनी
ट्रंप ने ईरान पर वैश्विक उगाही का आरोप लगाते हुए कहा कि ईरानी नौसेना, वायु सेना और रडार सिस्टम पहले ही नष्ट हो चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी, ‘खामेनेई और उनके अधिकांश नेता मारे जा चुके हैं। यदि किसी भी ईरानी बल ने अमेरिकी जहाजों पर हमला किया, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।’ ट्रंप ने यह भी कहा कि उनकी सेना ईरान के बचे-खुचे सैन्य ढांचे को खत्म करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
वैश्विक व्यापार पर संकट
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की 20% तेल आपूर्ति का मुख्य मार्ग है। 28 फरवरी को हुए हमलों के बाद, ईरान ने इस मार्ग को लगभग ठप कर दिया है। पहले यहां से रोजाना 100 से अधिक जहाज गुजरते थे, जो अब घटकर केवल एक दर्जन रह गए हैं। इस नाकाबंदी से वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारी उतार-चढ़ाव की संभावना है।
ईरान की प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी दावों को खारिज करते हुए कहा कि वे इस बातचीत में ‘गहरे अविश्वास’ के साथ शामिल हुए थे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका या इजरायल की ओर से कोई और हमला हुआ, तो ईरान उसका कड़ा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। फिलहाल, होर्मुज में अमेरिकी युद्धपोतों की मौजूदगी ने युद्ध के दोबारा शुरू होने के संकेत दे दिए हैं।
