अजमेर में 12 वर्षीय बच्ची पर एसिड अटैक: आरोपी को उम्रकैद की सजा

अजमेर में एक 12 वर्षीय बच्ची पर हुए एसिड अटैक के मामले में अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस दर्दनाक घटना में बच्ची की एक आंख चली गई और उसका चेहरा गंभीर रूप से झुलस गया। आरोपी ने बच्ची को बचाने की कोशिश कर रही उसकी मां पर भी हमला किया। अदालत ने इस मामले में सख्त टिप्पणी की और आरोपी को जीवनभर जेल में बिताने का आदेश दिया। जानें इस घटना के बारे में और क्या कहा अदालत ने।
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दर्दनाक घटना का विवरण

अजमेर में एक 12 साल की बच्ची पर हुए एसिड अटैक के मामले में अदालत ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस हमले में बच्ची की एक आंख चली गई और उसका चेहरा गंभीर रूप से झुलस गया।


घटना का समय और स्थान

राजस्थान के अजमेर जिले में एक बेहद दुखद घटना घटी, जिसमें एक मासूम बच्ची के चेहरे पर तेजाब फेंका गया। इस हमले में बच्ची की आंख खराब हो गई और उसके चेहरे पर गहरे जख्म हो गए। आरोपी मोहम्मद इस्माइल को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी को अपनी पूरी जिंदगी जेल में बितानी होगी। यह घटना 25 अप्रैल 2025 को हुई थी। पीड़िता की मां हेनबी अपनी बेटी मोजबी के साथ चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर खड़ी थीं, जब आरोपी ने तेजाब की बोतल लेकर वहां पहुंचा। उसकी मंशा हेनबी पर हमला करने की थी, लेकिन मोजबी ने अपनी मां को बचाने की कोशिश की।


हमले का विवरण

आरोपी ने तेजाब की बोतल मोजबी के चेहरे पर फेंक दी, जिससे उसके चेहरे पर गंभीर जलन और जख्म हो गए। मां हेनबी ने अपनी बेटी को बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उन पर भी तेजाब फेंक दिया, जिससे वह भी झुलस गईं। आरोपी घटना के बाद मौके से भाग गया, लेकिन पुलिस ने उसे बाद में गिरफ्तार कर लिया।


मेडिकल रिपोर्ट की जानकारी

मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में मोजबी के शरीर का केवल 2-4 प्रतिशत हिस्सा ही प्रभावित हुआ था, क्योंकि तेजाब ज्यादातर उसके चेहरे पर गिरा था। हालांकि, चेहरे पर हुए घाव और आंख की क्षति जीवनभर बनी रहेगी।


कोर्ट का निर्णय

जज उत्तमा माथुर ने फैसले के दौरान कहा, 'आरोपी द्वारा फेंका गया तेजाब केवल एक बच्ची पर हमला नहीं था, बल्कि यह पूरे समाज की आत्मा और मानवता पर एक क्रूर हमला था। चेहरा इंसान की पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। आरोपी की मंशा सिर्फ शारीरिक चोट पहुंचाना नहीं थी, बल्कि उसे मानसिक रूप से तोड़ना भी था।' जज ने कहा कि आरोपी ने बच्ची को इतना नुकसान पहुंचाया कि वह जीवनभर इस आघात से उबर नहीं पाएगी। अदालत ने आरोपी को आजीवन कारावास के साथ-साथ दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।