स्पर्म काउंट और प्रजनन क्षमता: जानें क्या है सही स्तर

स्पर्म काउंट पुरुषों की प्रजनन क्षमता का एक महत्वपूर्ण पहलू है। घटते स्पर्म काउंट की समस्या से जूझ रहे पुरुषों के लिए यह जानना आवश्यक है कि कितने स्पर्म काउंट पर इनफर्टिलिटी की समस्या उत्पन्न होती है। 15 मिलियन प्रति मिलीलीटर से कम स्पर्म काउंट ओलिगोस्पर्मिया कहलाता है। इस लेख में, हम स्पर्म काउंट बढ़ाने के उपायों और इसके स्वास्थ्य पर प्रभावों के बारे में चर्चा करेंगे।
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स्पर्म काउंट और प्रजनन क्षमता: जानें क्या है सही स्तर

स्पर्म काउंट का महत्व

स्पर्म काउंट और प्रजनन क्षमता: जानें क्या है सही स्तर


पुरुषों की प्रजनन क्षमता में स्पर्म काउंट एक महत्वपूर्ण कारक होता है। वर्तमान में, कई पुरुष घटते स्पर्म काउंट की समस्या का सामना कर रहे हैं, जो उनकी फर्टिलिटी पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। यह स्थिति बच्चे पैदा करने की क्षमता को कम कर सकती है।


स्पर्म काउंट की कमी के संकेत

स्पर्म काउंट में कमी न केवल प्रजनन संबंधी समस्याओं का संकेत देती है, बल्कि यह अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का भी संकेत हो सकता है। इसलिए, यह जानना आवश्यक है कि कितने स्पर्म काउंट पर इनफर्टिलिटी की समस्या उत्पन्न होती है।


यदि किसी पुरुष का स्पर्म काउंट 15 मिलियन प्रति मिलीलीटर से कम है, तो उसे इनफर्टिलिटी का सामना करना पड़ सकता है।


ओलिगोस्पर्मिया और स्वस्थ स्पर्म काउंट

जब स्पर्म काउंट 15 मिलियन प्रति मिलीलीटर से कम होता है, तो इसे ओलिगोस्पर्मिया कहा जाता है। एक स्वस्थ पुरुष में स्पर्म काउंट 15 मिलियन से लेकर 200 मिलियन प्रति मिलीलीटर तक हो सकता है।


स्पर्म काउंट बढ़ाने के उपाय

यदि कोई पुरुष अपने स्पर्म काउंट को बढ़ाना चाहता है, तो उसे विटामिन सी, डी, जिंक, फोलिक एसिड और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर आहार लेने की सलाह दी जाती है। इन पोषक तत्वों का सेवन स्पर्म काउंट में सुधार कर सकता है।


स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए फलों, सब्जियों, नट्स और साबुत अनाज का भरपूर सेवन करना चाहिए।