पतले दिखने का मतलब स्वस्थ होना नहीं है: विशेषज्ञों की चेतावनी

पतले दिखने को हमेशा अच्छे स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाता है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि यह धारणा गलत हो सकती है। 'स्किनी फैट' की समस्या, जिसमें लोग बाहरी रूप से पतले होते हैं लेकिन आंतरिक रूप से मोटे होते हैं, तेजी से बढ़ रही है। यह स्थिति उच्च रक्तचाप और हृदय रोग का कारण बन सकती है। आधुनिक जीवनशैली, जैसे लंबे समय तक बैठना और प्रोसेस्ड फूड का सेवन, इस समस्या को बढ़ा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि वजन के पैमाने पर ध्यान देने के बजाय, शरीर की संरचना और समग्र फिटनेस पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
 | 
पतले दिखने का मतलब स्वस्थ होना नहीं है: विशेषज्ञों की चेतावनी gyanhigyan

पतले होने का मिथक

लंबे समय से, पतलेपन को अच्छे स्वास्थ्य का संकेत माना जाता रहा है। यदि कोई व्यक्ति दुबला दिखता है, तो उसे फिट समझा जाता है। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि यह धारणा अब खतरनाक होती जा रही है, क्योंकि कई पतले लोग चुपचाप उच्च रक्तचाप, खराब मेटाबॉलिक स्वास्थ्य और यहां तक कि हृदय रोग विकसित कर रहे हैं। विशेषज्ञ इसे 'स्किनी फैट' या 'नॉर्मल-वेट ओबेसिटी' कहते हैं, जिसका अर्थ है बाहरी रूप से पतला लेकिन आंतरिक रूप से मोटा होना। यह स्थिति उन लोगों का वर्णन करती है जिनका बॉडी मास इंडेक्स (BMI) सामान्य होता है, लेकिन उनके शरीर में अत्यधिक आंतरिक वसा और बहुत कम मांसपेशी द्रव्यमान होता है।


विशेषज्ञों की राय

डॉ. संजीव चौधरी, कार्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष, मेरेंगो एशिया अस्पताल, गुरुग्राम के अनुसार, कई लोग मानते हैं कि पतले होना उन्हें जीवनशैली से संबंधित बीमारियों से बचाता है, लेकिन यह सच नहीं है। "इस प्रकार के लोग कपड़ों में पतले दिख सकते हैं लेकिन मांसपेशियों की कमी और पेट के चारों ओर अतिरिक्त वसा होती है," वे बताते हैं। असली समस्या आंतरिक अंगों के चारों ओर जमा होने वाली वसा में है। यह वसा मेटाबोलिक रूप से सक्रिय होती है और शरीर के अंदर एक एंडोक्राइन अंग की तरह व्यवहार करती है।


आधुनिक जीवनशैली का प्रभाव

डॉक्टरों का कहना है कि आधुनिक जीवनशैली इस समस्या को तेजी से बढ़ा रही है, खासकर युवा शहरी भारतीयों में जो लंबे समय तक बैठे रहते हैं, व्यायाम छोड़ देते हैं, प्रोसेस्ड फूड पर निर्भर रहते हैं और अनियमित नींद लेते हैं। डॉ. सीमा धीर, आंतरिक चिकित्सा की वरिष्ठ सलाहकार, आर्टेमिस अस्पताल, कहती हैं कि छिपी हुई वसा का संचय अक्सर उन आदतों से होता है जिनका लोग उच्च रक्तचाप से तुरंत संबंध नहीं जोड़ते।


कम खाना समस्या का समाधान नहीं

कम खाना समस्या का समाधान नहीं है

इस स्थिति का एक बड़ा कारण यह है कि पारंपरिक वजन माप शरीर की संरचना को सही तरीके से नहीं दर्शाते। एक व्यक्ति सामान्य वजन का हो सकता है लेकिन उसकी मांसपेशियों का द्रव्यमान कम और वसा का प्रतिशत अधिक हो सकता है। डॉ. धीर के अनुसार, मांसपेशियां मेटाबॉलिज्म और रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद करती हैं।


समाधान क्या है?

विशेषज्ञों का कहना है कि वजन के पैमाने पर obsess करने के बजाय शरीर की संरचना और समग्र फिटनेस पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। ताकत प्रशिक्षण, प्रोटीन से भरपूर संतुलित भोजन, नियमित गतिविधि, नींद और तनाव प्रबंधन अब स्वस्थ वजन बनाए रखने के लिए उतने ही महत्वपूर्ण माने जाते हैं।


स्वास्थ्य का सही माप

विशेषज्ञों का संदेश स्पष्ट है: पतला होना अपने आप में स्वस्थ होना नहीं है। रक्तचाप और हृदय स्वास्थ्य के मामले में, फिटनेस दिखावे से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है।विशेषज्ञों की राय: डॉ. संजीव चौधरी, कार्डियोलॉजी विभाग के अध्यक्ष, मेरेंगो एशिया अस्पताल, गुरुग्राम, और डॉ. सीमा धीर, आंतरिक चिकित्सा की वरिष्ठ सलाहकार, आर्टेमिस अस्पताल।