चीनी में मिलावट: पहचानने के तरीके और स्वास्थ्य पर प्रभाव
चीनी में मिलावट का खतरा
चीनी का उपयोग लगभग हर घर में होता है, चाहे वह चाय बनाने के लिए हो या मिठाई बनाने के लिए। यह भारतीय रसोई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन, स्वाद बढ़ाने वाली यह चीनी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। वर्तमान में, बाजार में कई उत्पादों में मिलावट की जा रही है, जिसमें चीनी भी शामिल है। इसमें चॉक पाउडर, वॉशिंग सोडा और प्लास्टिक के टुकड़ों जैसी चीजें मिलाई जा रही हैं, जो पेट की समस्याओं का कारण बन सकती हैं.
FSSAI की रिपोर्ट के अनुसार
कुछ व्यापारी चीनी में वजन बढ़ाने, चमक बढ़ाने या लागत कम करने के लिए विभिन्न मिलावटें डालते हैं। रिपोर्टों और जागरूकता अभियानों में चॉक पाउडर, वॉशिंग सोडा, सफेद रेत, स्टार्च और आर्टिफिशियल सफेदी देने वाले रसायनों का उल्लेख किया गया है। कुछ मामलों में प्लास्टिक के कणों की भी शिकायतें आई हैं.
मिलावटी चीनी की पहचान कैसे करें
पानी टेस्ट: एक गिलास पानी में एक चम्मच चीनी डालें। यदि चीनी पूरी तरह से घुल जाए और नीचे सफेद मिट्टी या चॉक जैसा पदार्थ रह जाए, तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है।
हाथ रगड़ टेस्ट: थोड़ी चीनी को हथेली पर लेकर रगड़ें। यदि हाथ पर सफेद पाउडर जैसा निशान रह जाए या चिकनापन महसूस हो, तो इसमें चॉक पाउडर या वॉशिंग सोडा मिलाया गया हो सकता है।
जलाकर जांच: एक चम्मच चीनी को गर्म करें। शुद्ध चीनी गर्म होने पर कैरामेल रंग में बदलती है, जबकि मिलावटी चीनी से अजीब गंध और काला धुआं निकल सकता है।
रंग और चमक पर ध्यान दें: अत्यधिक चमकदार और असामान्य रूप से सफेद चीनी में केमिकल ब्लीचिंग एजेंट्स हो सकते हैं।
मिलावटी चीनी का स्वास्थ्य पर प्रभाव
FSSAI के अनुसार, मिलावटी चीनी का लगातार सेवन पेट की समस्याएं, गैस, अपच, किडनी पर असर और शरीर में रसायनों का जमा होना जैसी समस्याएं उत्पन्न कर सकता है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और डायबिटीज के मरीजों के लिए यह अधिक हानिकारक हो सकती है। इसलिए, बाजार से चीनी खरीदते समय केवल कीमत नहीं, बल्कि गुणवत्ता और शुद्धता पर भी ध्यान देना आवश्यक है.
