गर्मी की लहर: स्वास्थ्य पर प्रभाव और बचाव के उपाय
गर्मी की लहर का स्वास्थ्य पर प्रभाव
भारत के कई हिस्सों में गर्मी की लहर के अलर्ट जारी किए गए हैं, जिसमें लाल, नारंगी और पीले चेतावनियाँ शामिल हैं। डॉक्टरों का कहना है कि हल्के लक्षण जैसे सिरदर्द, मिचली या मांसपेशियों में ऐंठन को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। दिल्ली-एनसीआर में भी अगले कुछ दिनों में अत्यधिक गर्मी का सामना करना पड़ेगा, जिससे निर्जलीकरण, गर्मी से थकावट और गर्मी के स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाएगा। एक मीडिया चैनल ने डॉ. सुषिला कटारिया, मेडांता, गुड़गांव के आंतरिक चिकित्सा विभाग की उपाध्यक्ष से बात की, जिन्होंने बताया कि अत्यधिक गर्मी शरीर पर क्या असर डालती है, कौन सबसे अधिक संवेदनशील है, और किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
गर्मी की लहर क्यों खतरनाक है?
डॉ. सुषिला कटारिया: जब तापमान बढ़ता है, तो शरीर को खुद को ठंडा करने की आवश्यकता होती है। सामान्य शरीर का तापमान 37 डिग्री होता है, जबकि बाहर का तापमान 39-40 डिग्री होता है। शरीर पसीना बहाकर खुद को ठंडा करता है, जिससे पानी की कमी होती है। यदि आप पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं, तो निर्जलीकरण हो सकता है। इससे अन्य समस्याएँ जैसे ऐंठन, थकान और मिचली हो सकती हैं।
गर्मी से थकावट के लक्षण
डॉ. सुषिला कटारिया: हम देखते हैं कि कई लोग सामान्य लक्षण जैसे सिरदर्द और मिचली के साथ आते हैं। एथलीट भी आते हैं जो कहते हैं कि वे दौड़ने गए थे और अब उन्हें मिचली महसूस हो रही है। कामकाजी लोग भी सिरदर्द और मांसपेशियों में ऐंठन की शिकायत करते हैं। कभी-कभी, गंभीर स्थिति में लोग बेहोशी की हालत में लाए जाते हैं।
कौन सबसे अधिक जोखिम में है?
डॉ. सुषिला कटारिया: बुजुर्ग और बच्चे सबसे अधिक जोखिम में होते हैं। बुजुर्गों में गर्मी को नियंत्रित करने की क्षमता कम होती है। बच्चों का शरीर भी अधिक संवेदनशील होता है। हृदय रोगियों को भी सावधानी बरतनी चाहिए क्योंकि उन्हें कम पानी पीने की सलाह दी जाती है।
गर्मी की लहर के दौरान क्या सावधानियाँ बरतें?
डॉ. सुषिला कटारिया: सबसे पहले, अपनी दिनचर्या की योजना बनाएं। किसी को भी पार्क की गई कार में न छोड़ें। हल्के रंग के और सांस लेने योग्य कपड़े पहनें। छाता और पानी साथ रखें। चाय, कॉफी और शराब का सेवन कम करें।
गर्मी से थकावट के पहले संकेत
डॉ. सुषिला कटारिया: पहले संकेत के रूप में प्यास लगना शुरू होता है। इसके बाद सिरदर्द या मिचली आ सकती है। मांसपेशियों में ऐंठन भी एक संकेत है।
गर्मी के स्ट्रोक के लिए प्राथमिक चिकित्सा
डॉ. सुषिला कटारिया: यदि कोई व्यक्ति बेहोश हो जाता है, तो उन्हें आराम करने दें और उनके पैरों को ऊँचा करें। यदि कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है, तो उन्हें तुरंत आपातकालीन चिकित्सा केंद्र ले जाएँ।
