कैविटी के कारण और बचाव: विशेषज्ञ से जानें
कैविटी के बारे में जानें
यदि आप नियमित रूप से ब्रश कर रहे हैं लेकिन फिर भी दांतों में कैविटी हो रही है, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं। यह जरूरी नहीं है कि केवल ब्रश करने से कैविटी से बचा जा सके। इसके लिए अन्य बातों का भी ध्यान रखना आवश्यक है। कैविटी के लक्षण, कारण और इससे बचने के उपायों पर हमने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के ओरल एंड डेंटल सर्जरी विभाग के प्रमुख डॉ. प्रवेश मेहरा से चर्चा की है.
कैविटी क्या है?
डॉ. मेहरा के अनुसार, कैविटी का अर्थ है दांतों की ऊपरी परत का क्षय होना। यह तब होता है जब दांतों पर हानिकारक बैक्टीरिया विकसित होते हैं, जिससे दांतों में सड़न शुरू होती है। यदि इसे समय पर नहीं रोका गया, तो यह दर्द, संक्रमण और दांत टूटने का कारण बन सकता है.
ब्रश करने की गलतियाँ
सिर्फ ब्रश करना ही पर्याप्त नहीं है; इसे सही तरीके से करना भी आवश्यक है। हर दिन कम से कम एक बार दो मिनट तक दांतों को ब्रश करें। ब्रश को दांतों पर ऊपर से नीचे की दिशा में चलाना चाहिए, जिससे दांतों के बीच की गंदगी साफ हो सके.
मीठे खाने का प्रभाव
यदि आप अधिक मीठा खाते हैं और उसके बाद कुल्ला नहीं करते हैं, तो यह मीठा दांतों पर चिपक जाता है। इससे बैक्टीरिया पनपने लगते हैं और एसिड का निर्माण होता है, जो दांतों को नुकसान पहुंचाता है और कैविटी का कारण बनता है.
कैविटी के प्रारंभिक लक्षण
दांतों में ठंडा-गर्म लगना, हल्का दर्द रहना, दांतों पर काले धब्बे, पानी पीने पर दर्द, और खाने के समय दर्द होना कैविटी के संकेत हो सकते हैं.
कैविटी से बचने के उपाय
दिन में दो बार सही तरीके से ब्रश करें, रोजाना फ्लॉस का उपयोग करें, मीठा और जंक फूड कम करें, और यदि कोई समस्या महसूस हो तो दंत चिकित्सक से संपर्क करें.
