किसिंग डिजीज और मल्टीपल स्क्लेरोसिस के बीच संबंध
किसिंग डिजीज क्या है?
एक सामान्य वायरल संक्रमण, जिसे अक्सर हानिरहित माना जाता है और जिसे किसिंग डिजीज के नाम से जाना जाता है, अब मल्टीपल स्क्लेरोसिस (MS) के विकसित होने के उच्च जोखिम से जोड़ा जा रहा है। नए शोध से पता चलता है कि एपस्टीन-बार वायरस (EBV) से संक्रमित लोग इस दीर्घकालिक न्यूरोलॉजिकल स्थिति के विकसित होने की तीन गुना अधिक संभावना रखते हैं। हाल ही में प्रकाशित एक अध्ययन में यह बताया गया है कि जो लोग मोनो से ग्रसित रहे हैं, उन्हें जीवन में बाद में MS विकसित होने का अधिक खतरा हो सकता है।
EBV और मल्टीपल स्क्लेरोसिस के बीच संबंध
EBV और मल्टीपल स्क्लेरोसिस के बीच संबंध
मल्टीपल स्क्लेरोसिस एक दीर्घकालिक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें प्रतिरक्षा प्रणाली मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी में तंत्रिकाओं की सुरक्षात्मक परत पर हमला करती है। इसके परिणामस्वरूप मांसपेशियों की कमजोरी, दृष्टि संबंधी समस्याएं, समन्वय में कठिनाई और संज्ञानात्मक मुद्दे उत्पन्न होते हैं। हाल के अध्ययनों ने EBV संक्रमण और MS के जोखिम के बीच एक मजबूत संबंध पाया है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह वायरस एक असामान्य प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को उत्तेजित कर सकता है, जिससे शरीर अपनी ही तंत्रिका प्रणाली पर हमला करने लगता है।
नए अध्ययन के निष्कर्ष
नए अध्ययन के निष्कर्ष
अध्ययन में पाया गया कि जो लोग संक्रामक मोनो से ग्रसित थे, वे मल्टीपल स्क्लेरोसिस विकसित करने की लगभग तीन गुना अधिक संभावना रखते थे। शोधकर्ताओं ने 20 वर्षों के स्वास्थ्य डेटा का विश्लेषण किया, जिसमें हजारों व्यक्तियों के EBV संक्रमण की पुष्टि की गई थी। मोनो के इतिहास वाले लोगों में 0.17 प्रतिशत ने MS विकसित किया, जबकि बिना मोनो वाले लोगों में यह आंकड़ा 0.07 प्रतिशत था। हालांकि, वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि ये निष्कर्ष एक संबंध दिखाते हैं, न कि प्रत्यक्ष कारण।
EBV की सामान्यता और जोखिम को कैसे रोकें
EBV की सामान्यता
EBV अत्यधिक व्यापक है - विश्वभर में 90 प्रतिशत से अधिक वयस्क किसी न किसी समय संक्रमित हो चुके हैं, अक्सर बचपन में जब लक्षण हल्के या अनुपस्थित होते हैं। हालांकि, किशोरावस्था या वयस्कता में मोनो विकसित होने से जटिलताओं का जोखिम बढ़ सकता है।
क्या आप जोखिम को रोक सकते हैं?
वर्तमान में, EBV के लिए कोई वैक्सीन नहीं है, लेकिन आप निम्नलिखित उपायों से जोखिम को कम कर सकते हैं:
- पेय, बर्तन या टूथब्रश साझा करने से बचें
- अच्छी स्वच्छता का अभ्यास करें
- सक्रिय संक्रमण के दौरान सतर्क रहें
