कम रोशनी में स्क्रीन का उपयोग: मायोपिया का बढ़ता खतरा

हालिया शोध से पता चला है कि कम रोशनी में स्क्रीन का उपयोग मायोपिया के विकास का एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है। अमेरिका और यूरोप में युवा इस समस्या से प्रभावित हैं। जानें इसके लक्षण और 20-20 नियम का पालन कैसे करें। यह जानकारी आंखों की सेहत के लिए महत्वपूर्ण है।
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कम रोशनी में स्क्रीन का उपयोग और मायोपिया

कम रोशनी में स्क्रीन का उपयोग: मायोपिया का बढ़ता खतरा


मायोपिया एक ऐसी आंखों की समस्या है जिसमें नजदीकी वस्तुएं स्पष्ट नहीं दिखतीं। पहले इसे मुख्य रूप से अधिक स्क्रीन समय से जोड़ा जाता था, लेकिन हालिया अध्ययन से पता चला है कि कम रोशनी में काम करना भी इसके विकास का एक महत्वपूर्ण कारण हो सकता है। यह शोध SUNY College of Optometry के वैज्ञानिकों द्वारा किया गया है और इसके निष्कर्ष सेल रिपोर्ट्स में प्रकाशित हुए हैं।


अध्ययन में यह बताया गया है कि जब आप कम रोशनी में मोबाइल, लैपटॉप या किताब पढ़ते हैं, तो आपकी आंखों के रेटिना को पर्याप्त रोशनी नहीं मिलती, जिससे आंखों पर अधिक दबाव पड़ता है। यह मायोपिया के जोखिम को बढ़ा सकता है। जोस मैन्यूल के अनुसार, यह समस्या वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ रही है। इसलिए, लोगों को सलाह दी जाती है कि वे हमेशा अच्छी रोशनी में ही स्क्रीन का उपयोग करें।


मायोपिया का बढ़ता प्रकोप

अमेरिका और यूरोप में लगभग 50% युवा मायोपिया से प्रभावित हैं, जबकि पूर्वी एशिया के कुछ देशों में यह आंकड़ा 90% तक पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि खराब जीवनशैली और अस्वस्थ खानपान भी इस समस्या के प्रमुख कारण हैं। मायोपिया का समय पर इलाज न होने पर यह गंभीर रूप ले सकता है, और यह बच्चों में अधिक आम है।


मायोपिया के लक्षण

दूर की वस्तुओं का धुंधला दिखना


सिरदर्द


आंखों में दर्द


कभी-कभी धुंधला दिखना


20-20 नियम का पालन करें

हर 20 मिनट में 20 सेकंड के लिए दूर देखें (20-20-20 नियम)


सही रोशनी में पढ़ाई करें


रोजाना कम से कम आधा घंटा व्यायाम करें


स्क्रीन का उपयोग करते समय उचित दूरी बनाए रखें