कम उम्र में घुटनों के दर्द के बढ़ते मामले: जानें कारण और उपाय

घुटनों का दर्द अब केवल बुजुर्गों की समस्या नहीं रह गई है, बल्कि युवा भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। 25 से 35 वर्ष के लोग अब हड्डियों के डॉक्टरों के पास आ रहे हैं। इस लेख में हम जानेंगे कि क्यों युवा घुटनों के दर्द का सामना कर रहे हैं, इसके पीछे के कारण और इससे बचने के उपाय। हालिया शोध भी इस समस्या की गंभीरता को दर्शाते हैं।
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घुटनों के दर्द की बढ़ती समस्या

पहले घुटनों में दर्द और जोड़ों की जकड़न को केवल उम्र से जोड़ा जाता था, लेकिन अब यह समस्या युवा लोगों में भी देखने को मिल रही है। 25 से 35 वर्ष के आयु वर्ग के लोग अब हड्डियों के डॉक्टरों के पास घुटनों के दर्द की शिकायत लेकर आ रहे हैं। इनमें बैठने के बाद जकड़न, सीढ़ियां चढ़ने में कठिनाई और जोड़ों की कमजोरी जैसी समस्याएं शामिल हैं.


युवाओं में घुटनों की कमजोरी के कारण

डॉक्टरों का कहना है कि आजकल की जीवनशैली, जिसमें लंबे समय तक बैठकर काम करना, शारीरिक गतिविधियों की कमी, बढ़ता वजन और अनियमित फिटनेस रूटीन शामिल हैं, ये सभी कारक युवाओं के घुटनों को कमजोर बना रहे हैं। हालिया शोध भी इस समस्या की गंभीरता को दर्शाते हैं.


शोध के निष्कर्ष

यूनिवर्सिटी ऑफ ओउलू द्वारा की गई एक स्टडी में यह पाया गया कि 30 वर्ष की उम्र के आधे से अधिक लोगों में एमआरआई स्कैन के दौरान प्रारंभिक कार्टिलेज क्षति और हड्डियों में बदलाव देखे गए, जबकि उनमें कोई स्पष्ट दर्द या गंभीर लक्षण नहीं थे। इसके अलावा, ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज के आंकड़े बताते हैं कि 30 से 44 वर्ष के आयु वर्ग में ऑस्टियोआर्थराइटिस के मामलों में वृद्धि हो रही है.


कम उम्र में घुटनों के दर्द के प्रमुख कारण

1. लंबे समय तक बैठकर काम करना: डेस्क जॉब्स के कारण घुटनों की गतिविधि कम हो जाती है, जिससे रक्त संचार प्रभावित होता है।
2. तेजी से बढ़ता वजन: मोटापा घुटनों पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे ऑस्टियोआर्थराइटिस का खतरा बढ़ता है।
3. कार्टिलेज का शुरुआती घिसाव: कई बार कार्टिलेज धीरे-धीरे घिसने लगता है, जिससे व्यक्ति को इसका एहसास नहीं होता.


संकेत जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए

• सीढ़ियां चढ़ते या उतरते समय दर्द
• लंबे समय तक बैठने के बाद जकड़न
• घुटनों में सूजन या अस्थिरता
• चलने पर घुटनों से आवाज आना
• एक्सरसाइज के बाद दर्द बने रहना
• बैठने से उठते समय घुटनों में खिंचाव महसूस होना


घुटनों की समस्याओं से बचने के उपाय

• वजन नियंत्रित रखें
• हर 40-45 मिनट में उठकर थोड़ी वॉक करें
• रोजाना लोइम्पैक्ट एक्सरसाइज करें जैसे वॉकिंग, साइक्लिंग और स्विमिंग
• क्वाड्रिसेप्स और हिप मसल्स को मजबूत करने वाले व्यायाम करें
• वर्कआउट से पहले वार्मअप करें
• सही पोस्टर और एर्गोनॉमिक्स का ध्यान रखें
• संतुलित आहार लें और पर्याप्त प्रोटीन शामिल करें
• रोजाना 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें