आईबीएस के लिए आयुर्वेदिक आहार: क्या खाएं और क्या न खाएं
आईबीएस की समस्या और उसका समाधान
आईबीएस, या इरिटेबल बाउल सिंड्रोम, पाचन तंत्र से जुड़ी एक समस्या है, जो आंतों में असुविधा का कारण बनती है। जब हम भोजन करते हैं, तो आंतों की मांसपेशियां सिकुड़ती हैं। यदि ये मांसपेशियां अत्यधिक सिकुड़ती हैं, तो गैस और सूजन उत्पन्न होती है, जिससे डायरिया या कब्ज की समस्या हो सकती है।
आयुर्वेदिक उपाय
आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. दीक्षा भावसार ने बताया कि आईबीएस के दौरान किन खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। चावल एक अच्छा विकल्प है, क्योंकि इसे पचाना आसान होता है। यह वात और कफ को संतुलित करता है। चावल को भिगोकर उबालना चाहिए और इसे घी और मूंग दाल के साथ खाना फायदेमंद होता है।
बेल का सेवन
आयुर्वेद के अनुसार, बेल का सेवन पाचन में मदद करता है और वातकफ को संतुलित करता है। यदि किसी को आईबीएस के कारण डायरिया हो रहा है, तो बेल से बनी चीजें पीना लाभकारी होता है। यह सूजन को कम करने और पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में सहायक है।
छाछ का महत्व
छाछ का सेवन पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह गट बैक्टीरिया को संतुलित करता है, गैस को कम करता है और भारीपन से राहत दिलाता है। दही को फेंटकर उसमें भुना हुआ जीरा और काला नमक मिलाकर रोजाना पीना फायदेमंद होता है।
मूंग दाल का सेवन
मूंग दाल पेट के लिए अत्यंत लाभकारी मानी जाती है। यह हल्का भोजन है, जो शरीर में टॉक्सिन्स को कम करता है और ब्लोटिंग से बचाता है। इसे आयुर्वेदिक तरीके से खाने के लिए इसका सूप बनाएं, जिसमें हींग और जीरा शामिल करें। इसे चावल के साथ भी खाया जा सकता है।
