गर्मी में स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी: जानें शुरुआती लक्षण और बचाव के उपाय
गर्मी में स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी
गर्मी में स्वास्थ्य संबंधी चेतावनी: जैसे किसी अनहोनी के संकेत पहले से मिलते हैं, वैसे ही जब हमारे शरीर के प्राकृतिक तंत्र में कोई समस्या आने वाली होती है, तो इसके लक्षण पहले से ही महसूस होने लगते हैं। इस प्रारंभिक अवस्था को प्रोड्रोमल पीरियड कहा जाता है। यह वह समय होता है जब बीमार होने से पहले अस्वस्थता के संकेत दिखाई देते हैं। अक्सर हम इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।
बीमारी के प्रारंभिक लक्षण
प्रारंभिक लक्षणों में थकान, ऊर्जा की कमी, शरीर में दर्द और चिड़चिड़ापन शामिल होते हैं। अच्छी नींद और संतुलित आहार लेने के बावजूद थकावट का अनुभव होना, जिसे हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं, यह दर्शाता है कि हमारा इम्यून सिस्टम सामान्य कार्यों से हटकर रोगों से लड़ने में जुटा है।
आयुष मंत्रालय की चेतावनी
गर्मी के मौसम में हमारा शरीर गर्मी से संबंधित बीमारियों का सामना कर रहा होता है, जिसका एहसास हमें तब होता है जब हम पूरी तरह से बीमार हो जाते हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए, सरकार ने शरीर द्वारा दिए जाने वाले संकेतों के बारे में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया है।
मौसम में बदलाव के साथ हमारे शरीर में भी कई परिवर्तन होते हैं, जैसे अधिक पसीना आना, जी मिचलाना, मांसपेशियों में ऐंठन, ठंडी और चिपचिपी त्वचा, चक्कर आना, तेज सिरदर्द और अत्यधिक प्यास लगना।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ये सामान्य संकेत नहीं होते। ये इतनी गंभीर स्थिति पैदा कर सकते हैं कि हीट एग्जॉर्शन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। बीपी और शुगर के मरीजों को इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। गर्मी के चरम समय में घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। हल्के कपड़े पहनने चाहिए और शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए 8-10 गिलास पानी, नींबू पानी, नारियल पानी, लस्सी और छाछ का सेवन करना चाहिए। घर का बना खाना खाना और तली-भुनी चीजों से परहेज करना चाहिए।
इस गर्मी में भारी व्यायाम से बचना चाहिए। सुबह की सैर, योग और प्राणायाम इस मौसम में सहायक हो सकते हैं। यदि आप जिम जाते हैं, तो भारी लिफ्टिंग से बचें। इस गर्मी में बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
