क्या बीयर पीने से पथरी निकल सकती है? जानें सच्चाई

क्या बीयर पीने से पथरी निकल सकती है? यह सवाल कई लोगों के मन में आता है। रिसर्च के अनुसार, बीयर का सेवन पथरी के खतरे को कम कर सकता है, लेकिन अधिक सेवन से समस्या बढ़ भी सकती है। जानें इस लेख में बीयर और पथरी के संबंध के बारे में, और जानें क्या आपको बीयर का सेवन करना चाहिए या नहीं।
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पथरी का दर्द और उसके उपाय

क्या बीयर पीने से पथरी निकल सकती है? जानें सच्चाई


पथरी का दर्द अत्यंत गंभीर होता है, और जब यह उठता है, तो व्यक्ति की सहनशक्ति भी टूट जाती है। ऐसे समय में हर कोई चाहता है कि किसी भी तरह से यह पथरी उनके गुर्दे से बाहर निकल जाए। छोटी पथरी को अधिक पानी और अन्य तरल पदार्थों के सेवन से यूरिन के माध्यम से बाहर निकाला जा सकता है, लेकिन बड़ी पथरी के लिए ऑपरेशन ही एकमात्र विकल्प रह जाता है।


बीयर का सेवन और पथरी

कई लोग पथरी निकालने के लिए घरेलू उपायों का सहारा लेते हैं, जिनमें से एक लोकप्रिय उपाय बीयर का सेवन करना है। आपने शायद सुना होगा कि "अगर पथरी हो गई है, तो बीयर पीना शुरू कर दो, इससे पथरी बाहर आ जाएगी।" लेकिन क्या यह सच है? आइए इस पर चर्चा करते हैं।


रिसर्च के अनुसार

अध्ययनों के अनुसार, बीयर का सेवन करने वाले लोगों में पथरी होने की संभावना 41 प्रतिशत तक कम हो जाती है। इसका कारण यह है कि बीयर पीने से यूरिन अधिक बनता है, जिससे शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैं।


पथरी कैसे निकलती है?

विशेषज्ञों का कहना है कि जब आप बार-बार यूरिन करते हैं, तो किडनी पर दबाव पड़ता है, जिससे पथरी बाहर निकल सकती है। हालांकि, यह प्रक्रिया केवल छोटी पथरी के लिए ही संभव है। बड़ी पथरी यूरिन के माध्यम से बाहर नहीं आ सकती।


अधिक बीयर का सेवन और पथरी का खतरा

कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि बीयर का अत्यधिक सेवन पथरी की समस्या को बढ़ा सकता है। अधिक बीयर पीने से शरीर में पानी की कमी हो सकती है, और बीयर में मौजूद ऑक्सलेट भी पथरी बनने का खतरा बढ़ा सकता है।


क्या बीयर पीनी चाहिए?

यदि आप बीयर का सीमित सेवन करते हैं, तो यह आपकी किडनी से पथरी निकालने में मदद कर सकती है। लेकिन अधिक सेवन से बचें, क्योंकि इससे समस्या बढ़ सकती है। पथरी को बाहर निकालने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी आवश्यक है।


घरेलू उपाय

पथरी निकालने के लिए कुछ अन्य घरेलू उपायों में पत्थरचट्टा के पत्तों का रस, नींबू का रस, प्याज, छुआरा, गाजर का रस, अनानास का रस और गन्ने का रस शामिल हैं।