हिमाचल में साइबर अपराधों की बढ़ती संख्या: 585 मामले दर्ज
साइबर अपराधों की स्थिति
शिमला। आधुनिक युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। हिमाचल प्रदेश में पिछले तीन वर्षों में डिजिटल धोखाधड़ी के 585 मामले सामने आए हैं, जिसमें कुल 1,50,19,71,939 रुपये की ठगी हुई है। यह जानकारी मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने विधायक इंद्रदत्त लखनपाल के प्रश्न के उत्तर में दी।
कांगड़ा में सबसे अधिक मामले
मुख्यमंत्री ने बताया कि ये केवल वे मामले हैं जो पुलिस में दर्ज हुए हैं, जबकि कई लोग शिकायत नहीं करते। कांगड़ा जिले में सबसे अधिक 59 मामले दर्ज किए गए हैं। इसके अलावा, बद्दी में 58, सोलन में 41, मंडी में 30, किन्नौर में 28, सिरमौर में 25, शिमला में 17, ऊना में 13, नूरपुर में 12, चंबा और कुल्लू में 10-10, देहरा में 8, हमीरपुर में 7 और लाहुल-स्पीति में 4 मामले दर्ज हुए हैं। बिलासपुर में केवल एक मामला दर्ज किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के तीन साइबर क्राइम थानों में 262 मामले दर्ज हुए हैं, जिनमें मंडी में 100, धर्मशाला में 81 और शिमला में 81 मामले शामिल हैं।
बैंक कर्मचारियों की संलिप्तता, 4 गिरफ्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ मामलों में बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत या लापरवाही भी सामने आई है, जिसके चलते चार बैंक कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में कुल 258 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और लगभग 10 करोड़ 25 लाख 39 हजार 180 रुपये की राशि भी बरामद की गई है।
धोखाधड़ी की राशि का वितरण
साइबर पुलिस स्टेशन शिमला में सबसे अधिक 55 करोड़ 62 लाख 12 हजार 20 रुपये की ठगी दर्ज की गई है। इसके अलावा, मंडी में 33 करोड़ 64 लाख 32 हजार 848 रुपये और धर्मशाला में 25 करोड़ 91 लाख 98 हजार 466 रुपये की ठगी हुई है। चंबा में 12 करोड़ 95 लाख 86 हजार 902 रुपये, सोलन में 4 करोड़ 90 लाख 95 हजार 219 रुपये, बद्दी में 3 करोड़ 68 लाख 94 हजार 122 रुपये, कांगड़ा में 2 करोड़ 60 लाख 16 हजार 406 रुपये, सिरमौर में 2 करोड़ 30 लाख 9 हजार 634 रुपये और मंडी में 2 करोड़ 28 लाख 26 हजार 271 रुपये की ठगी हुई है। बिलासपुर में सबसे कम 14 लाख 90 हजार रुपये की ठगी दर्ज की गई है।
जिलेवार गिरफ्तारी की जानकारी
गिरफ्तारी के आंकड़ों के अनुसार, चंबा में 15, कांगड़ा में 28, लाहुल-स्पीति में 4, मंडी में 2, सोलन में 20, सिरमौर में 24, किन्नौर में 19, बद्दी में 29, नूरपुर में 1, शिमला में 11, मंडी में 49 और धर्मशाला में 55 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें चार बैंक कर्मचारी भी शामिल हैं।
साइबर हेल्प डेस्क की स्थापना
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आज के तकनीकी युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग बढ़ रहा है और डिजिटल धोखाधड़ी के मामले भी बढ़ रहे हैं। राज्य सरकार इन समस्याओं से निपटने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। प्रदेश के 146 पुलिस थानों में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित की गई हैं। इसके अलावा, आठ अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है और 29 अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
