व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर में फायरिंग का नया CCTV फुटेज सामने आया
फायरिंग की घटना का नया वीडियो
व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स डिनर के दौरान हुई फायरिंग से संबंधित एक नया CCTV वीडियो जारी किया गया है। इस फुटेज में आरोपी कोल एलन को केवल चार सेकंड में होटल के दरवाजे से बाहर निकलते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में पहले वह एक लंबे काले कोट में होटल के अंदर घूमता है, फिर कुछ ही समय बाद बिना कोट के बाहर आता है।
सुरक्षा जांच को पार करते हुए
उसके बाद, वह तेजी से मेटल डिटेक्टर को पार करता है, जबकि उसके हाथ में एक लंबी बंदूक जैसी वस्तु दिखाई देती है। इस दौरान, एक सुरक्षा एजेंट ने एलन पर फायरिंग भी की। जांच में पता चला है कि उसने अपने कोट में 12-गेज शॉटगन छिपा रखी थी। हालांकि, फुटेज में यह स्पष्ट नहीं है कि वह कब गिरा और उसे कैसे गिरफ्तार किया गया।
एलन ने आरोपों से इनकार किया
आरोपी की पहचान 31 वर्षीय कोल टोमस एलन के रूप में हुई है, जिस पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या का प्रयास करने का आरोप है। उसने अभी तक अदालत में अपनी गलती स्वीकार नहीं की है। जांचकर्ताओं का कहना है कि एलन ने घटना से एक दिन पहले होटल में रुककर पूरी जगह की रेकी की थी।
घटना के समय की स्थिति
घटना के समय ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और कई अन्य उच्च अधिकारी वहां मौजूद थे। जैसे ही गोली चलने की आवाज आई, सभी को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। वीडियो में यह भी देखा गया कि एक सुरक्षा अधिकारी ने आरोपी की ओर गोली चलाई। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि आरोपी ने भी उसी समय गोली चलाई या नहीं।
आरोपी का भागना
कुछ अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने सीढ़ियों की ओर शॉटगन से फायर किया था। एक सीक्रेट सर्विस अधिकारी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगी, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। जांच जारी है कि गोली आरोपी ने चलाई थी या किसी अन्य सुरक्षाकर्मी की। यदि वह सीढ़ियों से नीचे उतरता, तो सीधे बॉलरूम तक पहुंच सकता था, जहां एक हाई-प्रोफाइल इवेंट चल रहा था।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया
सीक्रेट सर्विस के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी ने बहुत करीब से फायर किया था। जवाब में अधिकारी ने भी गोली चलाई। इसी दौरान आरोपी का पैर फिसला या टकराया और वह गिर गया। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। एलन पर कई गंभीर आरोप लगे हैं, जैसे हत्या की कोशिश, हथियार लेकर दूसरे राज्य में जाना और हिंसक अपराध के दौरान फायरिंग करना। इन मामलों में उसे अधिकतम 10 साल तक की सजा हो सकती है.
