राजस्थान में मानसून की वापसी, 29 जिलों में यलो अलर्ट जारी

राजस्थान में मानसून ने एक बार फिर से सक्रियता दिखाई है, जिससे राज्य के 29 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 12 से 16 सितंबर के बीच कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियाँ बढ़ने की संभावना है। विशेष रूप से पूर्वी राजस्थान में बारिश का प्रभाव अधिक रहने की उम्मीद है, जबकि पश्चिमी हिस्सों में गर्मी का असर जारी है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसल को सुरक्षित रखें। जानें और क्या-क्या बदलाव आ रहे हैं इस मौसम में।
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जयपुर में मानसून की सक्रियता


जयपुर: राजस्थान में लगभग एक सप्ताह तक कमजोर रहने के बाद मानसून फिर से सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसम तंत्र के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश की गतिविधियाँ बढ़ने लगी हैं। मौसम विभाग ने शनिवार को राजस्थान के 29 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वी राजस्थान में बारिश का प्रभाव अधिक रहने की संभावना है, जबकि पश्चिमी क्षेत्रों में गर्मी का असर जारी है।


15 सितंबर तक बारिश की संभावना

मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, 12 से 16 सितंबर के बीच जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग के कई क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियाँ बढ़ सकती हैं। 13 और 14 सितंबर को कोटा और उदयपुर संभाग में कहीं-कहीं मध्यम से भारी बारिश की संभावना जताई गई है।


पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का प्रभाव

हालांकि, पश्चिमी राजस्थान में 13 से 16 सितंबर के दौरान बीकानेर और जोधपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। लेकिन, पश्चिमी जिलों में तापमान अभी भी अपेक्षाकृत अधिक बना हुआ है।


जयपुर में गरज-चमक की संभावना

जयपुर में अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और बारिश या गरज-चमक की संभावना है। IMD के जयपुर पूर्वानुमान के अनुसार, 12 से 16 सितंबर तक अधिकतम तापमान लगभग 31-32°C के आसपास रहने का अनुमान है।


किसानों के लिए सलाह

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, पूर्वी राजस्थान में बारिश का दौर आगे भी जारी रह सकता है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में मौसम अपेक्षाकृत गर्म और शुष्क रहने के बाद कुछ क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियाँ बढ़ सकती हैं। किसानों को सलाह दी गई है कि वे बारिश की संभावना को देखते हुए अपनी फसल और उपज को सुरक्षित रखें।


सतर्क रहने की सलाह

बारिश के साथ कुछ जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं की भी संभावना है। ऐसे में मौसम खराब होने पर खुले क्षेत्रों में जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन व मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।


राजस्थान में मानसून की रफ्तार

कुल मिलाकर, राजस्थान में मानसून ने फिर से गति पकड़ ली है। आने वाले दिनों में पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बारिश बढ़ सकती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का प्रभाव अभी भी बना रहेगा।