यूरोप में यहूदियों के लिए नया खतरा: हरकत अशाब अल-यमीन अल-इस्लामिया

हरकत अशाब अल-यमीन अल-इस्लामिया संगठन ने यूरोप में यहूदियों के खिलाफ हमलों की एक श्रृंखला शुरू की है, जिससे यहूदियों के बीच भय का माहौल पैदा हो गया है। हाल ही में लंदन में दो यहूदी नागरिकों पर चाकू से हमला किया गया। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इन हमलों की निंदा की है और कहा है कि वे इन संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। जानें इस संगठन के उद्देश्यों और इसके पीछे के कारणों के बारे में।
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यूरोप में यहूदियों के लिए नया खतरा: हरकत अशाब अल-यमीन अल-इस्लामिया gyanhigyan

यूरोप में यहूदियों के लिए बढ़ता खतरा

हूती और हिजबुल्लाह जैसे समूहों की शक्ति में कमी के बाद, हरकत अशाब अल-यमीन अल-इस्लामिया यहूदियों के लिए एक नया खतरा बनकर उभरा है। यह संगठन यूरोप में सक्रिय है और इसका उद्देश्य यहूदियों के बीच भय फैलाना है। हाल ही में लंदन में दो यहूदी नागरिकों पर चाकू से हमला किया गया, जो कि इस संगठन के आतंकियों द्वारा किया गया था।


हाइब्रिड युद्ध की शुरुआत

यूरोप में यहूदियों के लिए नया खतरा: हरकत अशाब अल-यमीन अल-इस्लामिया
यहूदियों का नया दुश्मन बना हरकत-अशाब, यूरोप में अकेले मचा रहा कोहराम…छिड़ा हाइब्रिड युद्ध


एक रिपोर्ट के अनुसार, समर्थित संगठनों ने यूरोप में हाइब्रिड युद्ध की शुरुआत कर दी है, जिसमें हरकत अशाब अल-यमीन सबसे आगे है। इस संगठन का लक्ष्य यहूदियों में डर पैदा करना है ताकि वे सार्वजनिक स्थानों पर जाने से कतराएं।


हरकत अशाब अल-यमीन अल-इस्लामिया का परिचय

मार्च 2026 में इस संगठन की जानकारी सामने आई थी। यह संगठन यूरोप में ऑनलाइन प्लेटफार्मों के माध्यम से अपने उद्देश्यों को पूरा कर रहा है। इसका अर्थ है दक्षिणपंथी लोगों द्वारा संचालित एक इस्लामिक आंदोलन। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस संगठन को ईरान का समर्थन प्राप्त है या नहीं।


ब्रिटिश प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया

हरकत अशाब ने बेल्जियम और लंदन में यहूदियों पर हमले किए हैं। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा है कि वे इन संगठनों के खिलाफ और अधिक मजबूती से लड़ेंगे और यहूदियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की हिंसा को तुरंत समाप्त किया जाएगा।


यहूदियों पर खतरे के कारण

1. यहूदियों और इस्लामिक चरमपंथियों के बीच संघर्ष एक पुरानी कहानी है, जिसमें ईरान की प्रमुख भूमिका है। इस्लामिक समूहों का आरोप है कि यहूदियों ने अमेरिका और ब्रिटेन की मदद से अवैध रूप से फिलिस्तीन पर कब्जा किया। 2023 में, हमास और हिजबुल्लाह ने इजराइल पर हमला किया था, जिसके बाद गाजा में संघर्ष हुआ।


2. इजराइल और अमेरिका के हमलों के कारण मध्य पूर्व में ईरान की स्थिति कमजोर हुई है। इस समय इजराइल पर कोई बड़ा खतरा नहीं है, इसलिए ईरान समर्थित समूहों ने हाइब्रिड युद्ध की शुरुआत की है, जिससे दुनियाभर के यहूदियों को डराने का प्रयास किया जा रहा है। यूरोप में लगभग 16 लाख यहूदी निवास करते हैं।