मध्य पूर्व में युद्ध: अमेरिका का ईरान पर ऑपरेशन एपिक फ्यूरी तेज

मध्य पूर्व में युद्ध की स्थिति गंभीर हो गई है, जब अमेरिका ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को तेज किया है। इस ऑपरेशन के तहत 3000 से अधिक ईरानी ठिकानों पर हमले किए गए हैं, जिसमें नौसेना को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान से बिना शर्त समर्पण की मांग की है, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई की है। इस संघर्ष का क्षेत्रीय और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ रहा है। क्या ईरान झुक जाएगा, या यह संघर्ष और बढ़ेगा? जानें पूरी जानकारी इस लेख में।
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मध्य पूर्व में युद्ध: अमेरिका का ईरान पर ऑपरेशन एपिक फ्यूरी तेज

मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव


जयपुर, 7 मार्च 2026: मध्य पूर्व में युद्ध की स्थिति और गंभीर हो गई है। अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ ऑपरेशन एपिक फ्यूरी को तेज कर दिया है। यूएस सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इस ऑपरेशन के पहले सप्ताह में ही 3000 से अधिक ईरानी ठिकानों पर हमले किए जा चुके हैं। इन ठिकानों में कमांड सेंटर, इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के मुख्यालय, बैलिस्टिक मिसाइल साइट्स, एयर डिफेंस सिस्टम और सैन्य संचार नेटवर्क शामिल हैं।


ईरान की नौसेना पर हमला

अमेरिकी अधिकारियों ने जानकारी दी है कि ईरान की नौसेना को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया है। अब तक 43 ईरानी जहाज क्षतिग्रस्त या नष्ट हो चुके हैं, जिनमें ड्रोन कैरियर और अन्य युद्धपोत शामिल हैं। CENTCOM के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा, "हमारी सेना ने ईरान की नौसेना को लगभग समाप्त कर दिया है और मिसाइल हमलों को 90% तक कम कर दिया है। अगला लक्ष्य ईरान की मिसाइल उत्पादन क्षमता को पूरी तरह से नष्ट करना है।"


डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी

प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान से "बिना शर्त समर्पण" की मांग की है। उन्होंने कहा, "ईरान की एयरफोर्स और नेवी अब समाप्त हो चुकी है। हम उनके न्यूक्लियर सपनों को कभी पूरा नहीं होने देंगे।" व्हाइट हाउस के अनुसार, यह अभियान 4 से 6 हफ्ते तक चल सकता है, और अमेरिका के पास पर्याप्त हथियार और संसाधन हैं।


ईरान की प्रतिक्रिया

ईरान ने अमेरिकी और सहयोगी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिसमें कुछ अमेरिकी सैनिकों की मौत भी हुई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा, "हम ग्राउंड इनवेजन का इंतजार कर रहे हैं और इसे बड़ा झटका देंगे।" ईरान ने रूस से इंटेलिजेंस सहायता भी प्राप्त की है।


तेहरान में विस्फोट

इस बीच, तेहरान में बड़े पैमाने पर विस्फोट और आग की घटनाएं सामने आ रही हैं। अमेरिका-इजरायल संयुक्त हमलों ने ईरानी राजधानी को हिला दिया है। स्कूल पर हुए एक हमले में कई बच्चे मारे गए, जिसकी जिम्मेदारी अमेरिकी मुनिशन पर लगाई जा रही है।


युद्ध का क्षेत्रीय प्रभाव

ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जिसका उद्देश्य ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम, मिसाइलों, नेवी और प्रॉक्सी नेटवर्क को समाप्त करना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह युद्ध अब क्षेत्रीय स्तर पर फैल चुका है, जिसमें लेबनान, गल्फ देश और अन्य इलाके शामिल हैं।


आर्थिक प्रभाव

ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं, और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका असर पड़ रहा है। दुनिया की नजर इस युद्ध पर टिकी है—क्या ईरान झुक जाएगा, या यह और लंबा खिंचेगा?