भोपाल में ट्विशा शर्मा की मौत: सीबीआई जांच में पुलिस की लापरवाही का खुलासा

भोपाल में मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई जांच ने पुलिस की लापरवाही को उजागर किया है। सब इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा ने महत्वपूर्ण सबूत को समय पर जमा नहीं किया, जिससे परिजनों ने हत्या का संदेह जताया। जांच में वित्तीय गड़बड़ियों के संकेत भी मिले हैं, जिसमें ट्विशा को सैलरी न मिलने का मामला शामिल है। जानें इस मामले की पूरी कहानी और सीबीआई की कार्रवाई की तैयारी।
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ट्विशा शर्मा की मौत का मामला

भोपाल में मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस की एक बड़ी लापरवाही ने जांच की दिशा को बदल दिया है। सीबीआई जांच के दौरान जब यह मामला सामने आया, तो अधिकारियों को हैरानी हुई। स्थानीय पुलिस की एक गलती ने सब इंस्पेक्टर को सीबीआई के रडार पर ला खड़ा किया है।


महत्वपूर्ण सबूत की लापरवाही

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ट्विशा की मौत के दिन, 12 मई 2026 को कटारा हिल्स थाने में सब इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा की नाइट ड्यूटी थी। सूत्रों के अनुसार, ट्विशा जिस लिगेचर बेल्ट पर लटकी मिली थीं, वह इस केस का सबसे अहम सबूत था। लेकिन, सब इंस्पेक्टर ने इसे पोस्टमार्टम के समय एम्स अस्पताल में जमा नहीं कराया।


सबूत की अनदेखी

चौंकाने वाली बात यह है कि दिनेश शर्मा ने इस महत्वपूर्ण सबूत को दो दिनों तक अपनी निजी कार में रखा। जब पुलिस विभाग में हड़कंप मचा, तब इसे फोरेंसिक लैब भेजा गया।


परिजनों का संदेह

ट्विशा के परिजनों ने समय पर लिगेचर बेल्ट की बरामदगी न होने पर हत्या का संदेह जताया। पुलिस की इस लापरवाही ने केस को उलझा दिया है। अब सीबीआई इस मामले में सब इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की योजना बना रही है।


वित्तीय गड़बड़ियों का खुलासा

सीबीआई जांच में केवल पुलिस की लापरवाही ही नहीं, बल्कि वित्तीय गड़बड़ियों के संकेत भी मिले हैं। ट्विशा को पिछले 6-7 महीनों से उसकी कंपनी से सैलरी नहीं मिली थी।


पति का निवेश और कंपनी की जांच

ट्विशा के पति समर्थ सिंह ने उसी कंपनी में 7-8 लाख रुपये का निवेश किया था। सीबीआई अब यह जांच कर रही है कि ट्विशा को सैलरी क्यों नहीं दी जा रही थी और क्या पति के निवेश का इससे कोई संबंध था। यह कंपनी भी अब सीबीआई की जांच के दायरे में आ गई है।