भारत-पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक संबंधों में नया मोड़: SCO फोरम में आमंत्रण
भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक आमंत्रण
भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच, एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। भारत ने पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत एवं संस्कृति मंत्री, औरंगजेब खान खिची को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के पहले सिविलाइजेशन डायलॉग फोरम में आमंत्रित किया है। यह कार्यक्रम 20 से 22 नवंबर 2026 तक आयोजित होने की योजना है। यह निमंत्रण ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच संबंध मई 2025 में हुए सैन्य टकराव के बाद से तनाव में हैं।
SCO के सभी सदस्य देशों को आमंत्रित किया गया
भारत का यह निमंत्रण केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं है। SCO के सभी 10 सदस्य देशों को इस फोरम में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। इनमें भारत, पाकिस्तान, चीन, रूस, ईरान, बेलारूस, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देना, साझा ऐतिहासिक विरासत को उजागर करना और कला, साहित्य तथा परंपराओं के माध्यम से एक-दूसरे को समझने का अवसर प्रदान करना है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद का संदर्भ
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने 7 मई 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव हुआ, जिसके परिणामस्वरूप 10 मई को संघर्षविराम की घोषणा की गई। इस घटनाक्रम के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव बना हुआ है। ऐसे में किसी पाकिस्तानी मंत्री को भारत आने का निमंत्रण देना कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राजनाथ सिंह की घोषणा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 20 अक्टूबर 2026 को ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में SCO के शासनाध्यक्षों की परिषद की बैठक में इस फोरम की घोषणा की थी। उन्होंने सदस्य देशों को इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित किया और आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।
क्या आएंगे पाकिस्तानी मंत्री?
फिलहाल, पाकिस्तान की ओर से यह स्पष्ट नहीं है कि औरंगजेब खान खिची इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए भारत आएंगे या नहीं। यदि वह दिल्ली पहुंचते हैं, तो यह किसी वरिष्ठ पाकिस्तानी मंत्री का भारत दौरा होगा।
SCO फोरम का महत्व
कुल मिलाकर, SCO सिविलाइजेशन डायलॉग फोरम भारत और पाकिस्तान को एक बहुपक्षीय मंच पर शामिल होने का अवसर प्रदान कर सकता है। हालांकि, इस निमंत्रण से दोनों देशों के बीच तनाव कम होने या द्विपक्षीय संबंधों में सुधार होने का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। अब सभी की नजर पाकिस्तान के निर्णय और नवंबर में होने वाले इस कार्यक्रम में उसकी भागीदारी पर रहेगी।
