भारत और रूस के बीच रेयर अर्थ मिनरल्स पर महत्वपूर्ण समझौता
भारत ने रूस के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है, जिसमें रेयर अर्थ मिनरल्स की प्रोसेसिंग और उच्च गुणवत्ता वाले धातुओं का निर्माण शामिल है। यह समझौता चीन की बढ़ती ताकत के खिलाफ एक रणनीतिक कदम है। इसके अलावा, क्वाड देशों ने भी सप्लाई चेन को मजबूत करने के लिए एक नई पहल शुरू की है। भारत के पास भी महत्वपूर्ण खनिजों का भंडार है, जिससे वह भविष्य में एक प्रमुख सप्लाई ताकत बन सकता है।
| May 29, 2026, 14:22 IST
रेयर अर्थ मिनरल्स की बढ़ती अहमियत
दुनिया की सबसे उन्नत तकनीकें, जैसे कि मिसाइल, इलेक्ट्रिक वाहन, रडार, और स्मार्टफोन, इन सभी का आधार एक विशेष खजाने पर है। यह खजाना न तो तेल है और न ही गैस, बल्कि रेयर अर्थ और क्रिटिकल मिनरल्स हैं। इन खनिजों के बिना आधुनिक तकनीक की प्रगति रुक सकती है। वर्तमान में, चीन इन खनिजों पर अपनी मजबूत पकड़ बना चुका है, जिससे भारत ने अमेरिका, रूस, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है।
भारत और रूस के बीच समझौता
चीन वर्तमान में दुनिया की लगभग 70% रेयर अर्थ खनन और 90% प्रोसेसिंग क्षमता पर नियंत्रण रखता है। इस स्थिति को देखते हुए, भारत ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। भारत ने अमेरिका के साथ क्रिटिकल मिनरल्स पर साझेदारी की और अब रूस के साथ भी एक महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस समझौते के तहत, भारत और रूस के बीच रेयर अर्थ मिनरल्स की प्रोसेसिंग, उच्च गुणवत्ता वाले धातुओं का निर्माण, और रक्षा उद्योग में उपयोग होने वाले उपकरणों पर काम किया जाएगा। रिपोर्टों के अनुसार, यह समझौता रूस की परमाणु कंपनी रोसाटम और भारत की नक्सिन जियोकेम के बीच हुआ है।
क्वाड देशों की नई पहल
हाल ही में, क्वाड देशों - भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया - ने एक महत्वपूर्ण क्रिटिकल मिनरल इनिशिएटिव की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य सप्लाई चेन को मजबूत करना और चीन पर निर्भरता को कम करना है। इस पहल में $20 अरब डॉलर का निवेश किया जाएगा। यह स्पष्ट है कि यदि चीन ने सप्लाई रोक दी, तो पूरी तकनीकी उद्योग प्रभावित हो सकती है। भारत के पास भी क्रिटिकल मिनरल्स का बड़ा भंडार है, जिसमें लिथियम, कोबाल्ट, निकल, ग्रेफाइट, और अन्य खनिज शामिल हैं। सरकार ने ओसा, तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में रेयर अर्थ कॉरिडोर बनाने की योजना बनाई है, जिससे भारत भविष्य में एक प्रमुख सप्लाई ताकत बन सके।
