भारत और कनाडा ने व्यापार और निवेश मंच की शुरुआत की

भारत और कनाडा ने एक नया व्यापार और निवेश मंच स्थापित किया है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के व्यवसायों को एक साथ लाना और नई वाणिज्यिक साझेदारियों को प्रोत्साहित करना है। इस पहल के तहत, दोनों देशों ने आपसी संपर्क को मजबूत करने पर सहमति जताई है। कनाडाई मंत्री मनिंदर सिद्धू ने खालिस्तान मुद्दे पर भारत की चिंताओं को समझने की बात कही है, जबकि प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने आर्थिक संबंधों को सुधारने के लिए नए कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
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भारत और कनाडा ने व्यापार और निवेश मंच की शुरुआत की gyanhigyan

भारत-कनाडा व्यापारिक संबंधों को बढ़ावा

भारत और कनाडा ने एक नया व्यापार और निवेश मंच स्थापित किया है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के व्यवसायों को एक साथ लाना और नई वाणिज्यिक साझेदारियों को प्रोत्साहित करना है। इस पहल के तहत, दोनों देशों ने आपसी संपर्क को मजबूत करने पर सहमति जताई है, जिसमें लोगों के बीच संबंध, व्यापारिक गतिशीलता और प्रत्यक्ष वाणिज्यिक संपर्क शामिल हैं। यह जानकारी वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा के समापन के बाद दी गई। उन्होंने कनाडा के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इस दौरान मंत्रियों ने कनाडा-भारत व्यापार और निवेश मंच की शुरुआत की, जो कनाडाई और भारतीय व्यापारिक नेताओं को एक साथ लाने का एक महत्वपूर्ण मंच है।


खालिस्तान मुद्दे पर कनाडा की स्थिति

भारत और कनाडा ने व्यापार और निवेश मंच की शुरुआत की
खालिस्तानी दबाव पर भारी पड़ा भारत का दम, कनाडाई मंत्री बोले- India बनने वाला है तीसरी सबसे बड़ी ताकत
कनाडाई मीडिया द्वारा खालिस्तान मुद्दे को फिर से उठाने के प्रयासों के बीच, मनिंदर सिद्धू ने कहा कि कनाडा इस वर्ष के अंत तक भारत के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) को अंतिम रूप देने की कोशिश कर रहा है। 2023 में निज्जर हत्याकांड के बाद भारत-कनाडा संबंधों में आई गिरावट ने व्यापारिक वार्ताओं को प्रभावित किया था। लेकिन अब प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के नेतृत्व में कनाडा एक बार फिर भारत के साथ कूटनीतिक और आर्थिक संबंधों को सुधारने की दिशा में प्रयासरत है।


आर्थिक संबंधों का नया अध्याय

आर्थिक संबंधों का ‘रीसेट’ मोड ऑन

प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भारत का दौरा कर कनाडाई सरकार की ओर से यह स्पष्ट किया है कि वे खालिस्तान मुद्दे पर भारत की चिंताओं को पूरी तरह समझते हैं। कनाडा की हालिया इंटेलिजेंस रिपोर्ट में खालिस्तान समर्थकों को देश के लिए एक बड़ा खतरा माना गया है। मार्क कार्नी के सत्ता में आने के बाद, कनाडाई सरकार ने भारत के साथ अपने आर्थिक संबंधों को ‘रीसेट’ करने का निर्णय लिया है। इस दिशा में, दोनों देशों ने मिलकर 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 अरब डॉलर तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके लिए एक विशेष ‘ट्रेड फोरम’ भी लॉन्च किया गया है।