ब्राजील में लूला की जीत: भारत के लिए नए अवसर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लुइस इनासियो लूला डी सिल्वा की जीत पर बधाई दी है। यह जीत लूला के चौथे कार्यकाल की शुरुआत करती है और भारत-ब्राजील संबंधों में नई संभावनाएँ खोलती है। मोदी ने द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की है। लूला की जीत से दक्षिण अमेरिका में वामपंथी राजनीति को बढ़ावा मिलेगा, जबकि भारत और ब्राजील के बीच व्यापार और ऊर्जा के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ भी बढ़ेंगी।
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प्रधानमंत्री मोदी की बधाई


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के दूसरे चरण में लुइस इनासियो लूला डी सिल्वा की शानदार जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि वह ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं और एक समावेशी विश्व व्यवस्था के लिए मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं।


लूला की जीत का महत्व

यह जीत लूला के चौथे गैर-लगातार राष्ट्रपति कार्यकाल की शुरुआत करती है, जो भारत के बहुपक्षीयता के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में ब्राजील की भूमिका को सुनिश्चित करेगी।


सोशल मीडिया पर एक संदेश में, मोदी ने लूला की इस पुनर्रवापसी को उल्लेखनीय बताया और द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की।


लूला का चुनावी अभियान

लूला ने पिछले महीने भारत में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लिया था, क्योंकि वह अपने चुनाव अभियान पर ध्यान केंद्रित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ब्राजील के लोगों ने मतदान केंद्रों पर इतिहास रचा है।


दक्षिणपंथी सीनेटर फ्लेवियो बोल्सोनारो को हराने के बाद, लूला ने लोकतंत्र की जीत और ब्राजील की प्रगति की बात की।


भारत और ब्राजील के बीच सहयोग

लूला की जीत से उन्हें दक्षिण अमेरिका की वामपंथी राजनीति में एक प्रमुख भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। जब ट्रंप ने 2025 में भारत और ब्राजील पर भारी शुल्क लगाए, तो लूला ने मोदी से संपर्क किया था।


दोनों नेताओं ने व्यापार, ऊर्जा, रक्षा और प्रौद्योगिकी में सहयोग को बढ़ाने का संकल्प लिया।


भविष्य की संभावनाएँ

लूला ने बहुपक्षीयता की रक्षा के लिए भारत और ब्राजील की प्रतिबद्धता पर जोर दिया। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 30 अरब डॉलर तक बढ़ाने पर सहमति जताई।


ब्राजील के पास दुर्लभ खनिजों का बड़ा भंडार है, जो भारत के ऊर्जा परिवर्तन और बुनियादी ढांचे के विकास में महत्वपूर्ण हो सकता है।