प्रधानमंत्री मोदी की जापान यात्रा: द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में कदम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टोक्यो में दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा शुरू की है, जो लगभग सात वर्षों में उनकी पहली जापान यात्रा है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत के राष्ट्रीय हितों को बढ़ावा देना और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। मोदी जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ शिखर वार्ता करेंगे, जिसमें आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर चर्चा की जाएगी। यह यात्रा भारत और जापान के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।
Aug 29, 2025, 09:50 IST
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प्रधानमंत्री मोदी की टोक्यो यात्रा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा के लिए टोक्यो का दौरा किया, जो लगभग सात वर्षों में उनकी पहली यात्रा है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत के राष्ट्रीय हितों को बढ़ावा देना, द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और क्षेत्रीय एवं वैश्विक सहयोग को प्रोत्साहित करना है। प्रधानमंत्री मोदी जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ शिखर वार्ता करेंगे। विदेश मंत्रालय ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में जानकारी दी, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान के तोक्यो पहुंच गए हैं। वे शाम को प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा के साथ भारत-जापान साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए विस्तृत चर्चा करेंगे।’’ अपने प्रस्थान वक्तव्य में मोदी ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों को मजबूत करने का एक अवसर है। मोदी 29-30 अगस्त को जापान यात्रा के दौरान शिगेरू इशिबा के साथ वार्षिक शिखर वार्ता करेंगे.
जापान यात्रा के उद्देश्य
प्रधानमंत्री ने जापान यात्रा के दौरान कहा, ‘‘हम अपनी विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के अगले चरण को आकार देने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। पिछले 11 वर्षों में दोनों देशों के बीच साझेदारी में निरंतर और महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।’’ उन्होंने यह भी कहा, ‘‘हम अपने सहयोग को नई ऊँचाइयों पर ले जाने, आर्थिक और निवेश संबंधों को विस्तारित करने, और कृत्रिम मेधा (एआई) तथा सेमीकंडक्टर जैसी नई और उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग को बढ़ावा देने का प्रयास करेंगे।’’
बातचीत का दायरा
एक रिपोर्ट के अनुसार, जापान में भारतीय दूत सिबी जॉर्ज ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच चर्चा समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर के साथ आगे बढ़ेगी। दोनों नेताओं के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यापार युद्ध के संदर्भ में मौजूदा भू-राजनीतिक और भू-आर्थिक परिदृश्य पर विचार-विमर्श होने की संभावना है।
आर्थिक संबंधों की मजबूती
जॉर्ज ने कहा, "जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दो महत्वपूर्ण नेता, भारत और जापान, मिलेंगे, तो वे भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। क्वाड एक महत्वपूर्ण विषय है जिस पर चर्चा की जाएगी।" भारत अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापार तनाव का सामना कर रहा है, ऐसे में नई दिल्ली टोक्यो के साथ आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और व्यापार, प्रौद्योगिकी और निवेश के नए रास्ते तलाशने की कोशिश कर रहा है।
मोदी की जापान यात्रा का महत्व
यह यात्रा मोदी की जापान की पहली स्वतंत्र यात्रा है और इशिबा के साथ उनकी पहली द्विपक्षीय शिखर वार्ता है। मोदी ने आखिरी बार 2018 में भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लिया था। 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से यह मोदी की जापान की आठवीं यात्रा है।
व्यावसायिक कार्यक्रम
आज सुबह 10:30 बजे से 11:10 बजे तक, प्रधानमंत्री मोदी जापानी और भारतीय उद्योग जगत के प्रमुखों के साथ एक व्यावसायिक कार्यक्रम में भाग लेंगे, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी संबंधों को मजबूत करना है। अपनी यात्रा के दौरान, उनसे भारत में अगली पीढ़ी की E10 शिंकानसेन बुलेट ट्रेनों के निर्माण के लिए साझेदारी की घोषणा करने की उम्मीद है।
व्यापार के आंकड़े
भारत और जापान के बीच व्यापार स्थिर बना हुआ है। वित्तीय वर्ष 2024-25 के पहले नौ महीनों में द्विपक्षीय व्यापार 21 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया। जापान भारत का पाँचवाँ सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) स्रोत है, जिसका संचयी निवेश दिसंबर 2024 तक 43.2 अरब अमेरिकी डॉलर था।
मोदी की अगली यात्रा
जापान यात्रा के बाद, मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन के तियानजिन की यात्रा करेंगे। शिखर सम्मेलन के दौरान, उनके चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने की संभावना है।