पटना में सात वर्षीय बच्ची के साथ चचेरे भाई द्वारा दुष्कर्म का मामला

पटना में एक च shocking घटना में, एक 13 वर्षीय चचेरे भाई ने अपनी सात वर्षीय बहन के साथ दुष्कर्म किया। जब बच्ची की मां बाजार गई थी, तब आरोपी ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। बच्ची की हालत गंभीर होने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और आरोपी को हिरासत में लिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। स्थानीय लोग आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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पटना में सात वर्षीय बच्ची के साथ चचेरे भाई द्वारा दुष्कर्म का मामला gyanhigyan

पटना में दुष्कर्म की घटना

पटना में सात वर्षीय बच्ची के साथ चचेरे भाई द्वारा दुष्कर्म का मामला


बिहार की राजधानी पटना से एक च shocking मामला सामने आया है, जिसमें एक 13 वर्षीय चचेरे भाई ने अपनी सात वर्षीय बहन के साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की मां ने बताया कि वह मनेर बाजार गई थी और उसकी बेटी घर में अकेली थी। जब वह वापस लौटी, तो उसने देखा कि उसकी बेटी की स्थिति गंभीर थी।


मनेर थाना क्षेत्र के एक गांव में यह घटना हुई। जानकारी के अनुसार, जब बच्ची की मां बाजार गई थी, तब आरोपी ने इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी नाबालिग पड़ोस में ही रहता है और उसने अकेली बच्ची को देखकर घर में घुसकर दुष्कर्म किया।


दुष्कर्म के बाद बच्ची की हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। आरोपी डर के मारे घटनास्थल से भाग गया और अपने नानी के घर में छिप गया। पीड़िता की मां ने बताया कि जब वह लौटी, तो उसकी बेटी की स्थिति बहुत खराब थी।


पुलिस ने आरोपी को उसके नानी के घर से हिरासत में लिया। बच्ची ने बताया कि उसके चचेरे भाई ने उसके साथ गलत किया है। इसके बाद परिवार ने तुरंत मनेर थाना पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को 8 किलोमीटर दूर स्थित उसके नानी के घर से पकड़ लिया।


पटना नगर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि पुलिस ने दुष्कर्म की पुष्टि कर ली है और आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और जांच की।


फोरेंसिक टीम ने पीड़िता के अंतः वस्त्रों को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है। पीड़िता अब खतरे से बाहर है और अपनी मां के साथ सामान्य स्थिति में है। उसे चिकित्सीय सहायता भी दी गई है।


पुलिस ने बताया कि आरोपी को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया है। चूंकि आरोपी भी नाबालिग है, इसलिए मामले की सुनवाई किशोर न्याय अधिनियम के तहत होगी। पुलिस अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है।


स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर गुस्सा है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि आरोपी को सख्त सजा दी जाए। लोगों का कहना है कि नाबालिग होने का लाभ उठाकर आरोपी को नहीं बख्शा जाना चाहिए। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को कभी अकेला न छोड़ें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत दें।


पुलिस मामले की जांच कर रही है और जल्द ही चार्जशीट पेश कर स्पीड ट्रायल के तहत दोषी को सजा दिलाने की योजना बना रही है।