पंढरपुर में जादू-टोने के नाम पर ठगी का मामला, आरोपी गिरफ्तार

पंढरपुर में नाना वीरकर उर्फ गुरुमाऊली पर भक्तों से लाखों रुपये की ठगी और जादू-टोने के आरोप लगे हैं। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला सोलापुर में हाल ही में हुए एक अन्य ठगी के मामले के बाद सामने आया है। नाना वीरकर ने भक्तों को पैसे की बारिश कराने का लालच देकर ठगा। पुलिस ने तड़के उसके आश्रम पर छापा मारा और उसे गिरफ्तार किया। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
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पंढरपुर में जादू-टोने के नाम पर ठगी का मामला, आरोपी गिरफ्तार gyanhigyan

पंढरपुर धोखाधड़ी मामला

पंढरपुर में नाना वीरकर, जिसे गुरुमाऊली के नाम से भी जाना जाता है, पर भक्तों से लाखों रुपये की ठगी करने और जादू-टोने के आरोप लगे हैं। इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है।


सोलापुर में ठगी का नया मामला

पंढरपुर में जादू-टोने के नाम पर ठगी का मामला, आरोपी गिरफ्तार


हाल ही में सोलापुर जिले में एक व्यक्ति ने भविष्य बदलने और व्यापार में लाभ दिलाने का झांसा देकर ठगी की थी। इस मामले में पुलिस ने मनोहर भोसले नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। अब, सोलापुर में पैसे की ठगी और जादू-टोने से जुड़ा एक और मामला सामने आया है। माढ़ा तालुका के अडेगांव निवासी नाना वीरकर के खिलाफ पंढरपुर में भक्तों से ठगी करने की शिकायत टेंभुर्णी पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है।


ठगी का तरीका

जानकारी के अनुसार, नाना वीरकर ने कई लोगों को ठगी के जाल में फंसाया। पंढरपुर के यशवंत जाधव और नीलेश भोइते ने इस संबंध में शिकायत की है। आरोप है कि उसने 'पैसों की बारिश' कराने का लालच देकर तीन लाख रुपये में कछुआ बेचा। इसके अलावा, उसने घर में धन आने का दावा करते हुए भक्तों से जादू-टोने और धार्मिक उपायों के नाम पर ठगी की।


खुलेआम चल रहा था काला धंधा

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नाना वीरकर किसी से नहीं डरता था। वह लोगों को बताता था कि तेजस्विनी सातपुते उसकी भक्त हैं और कई विधायक तथा सांसद उसके परिचित हैं। इसके साथ ही, वह यह भी धमकी देता था कि कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता। बताया जा रहा है कि वह वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और नेताओं के नाम का इस्तेमाल कर अपने काले धंधे को खुलेआम चला रहा था।


पुलिस की कार्रवाई

जैसे ही मामला दर्ज हुआ, टेंभुर्णी पुलिस ने तड़के आश्रम पर छापा मारा। उस समय नाना वीरकर अपने भाई के साथ सो रहा था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन एवं काला जादू विरोधी कानून के तहत और वित्तीय धोखाधड़ी की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।