नोएडा में बुजुर्ग से 75 लाख की साइबर ठगी का मामला

नोएडा में एक 71 वर्षीय सेवानिवृत्त इंजीनियर को साइबर ठगों ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 75 लाख रुपये की ठगी का शिकार बना लिया। आरोपियों ने पहले उनका विश्वास जीता और फिर बड़ी रकम निवेश करने के लिए मजबूर किया। जब पीड़ित ने पैसे देने से मना किया, तो उनका अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और संदिग्ध खातों की पहचान की जा रही है।
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नोएडा में बुजुर्ग से 75 लाख की साइबर ठगी का मामला gyanhigyan

साइबर ठगों का नया शिकार

नोएडा: निवेश के नाम पर साइबर ठगों ने एक बार फिर से लोगों को निशाना बनाया है। विशेष रूप से बुजुर्गों को ये ठग आसानी से अपने जाल में फंसा लेते हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश के नोएडा में, एक 71 वर्षीय सेवानिवृत्त इंजीनियर से शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर 75 लाख रुपये की ठगी की गई। पुलिस ने रविवार को इस घटना की जानकारी दी।


घटना का विवरण

पुलिस के अनुसार, पीड़ित ने शनिवार रात साइबर अपराध थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि जिन खातों में ठगी की गई राशि ट्रांसफर हुई है, उनकी जांच की जा रही है। पुलिस उपायुक्त शैव्या गोयल ने बताया कि सेक्टर 104 की 'एटीएस वन हैमलेट सोसाइटी' में रहने वाले आलोक सहदेव ने शिकायत में कहा कि 25 फरवरी को उन्हें व्हाट्सऐप पर एक निवेश समूह में जोड़ा गया था। इस समूह का नाम 'वेल्थ एलायंस' था, जिसमें शेयर बाजार और आईपीओ में भारी मुनाफे का दावा किया गया।


भरोसा जीतने के बाद ठगी

शिकायतकर्ता ने बताया कि समूह में मौजूद लोग लगातार मुनाफे के स्क्रीनशॉट और ट्रेडिंग की जानकारी साझा करते थे, जिससे उनका विश्वास बढ़ गया। पीड़ित ने आरोप लगाया कि समूह के सदस्यों ने उनसे एक ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा, जिससे भारतीय और विदेशी बाजार में निवेश किया जा सकता था। शुरुआत में उन्होंने छोटी राशि निवेश की और 8,000 रुपये का लाभ प्राप्त किया, जिससे उनका विश्वास और मजबूत हुआ।


बड़ी रकम की मांग

इसके बाद, आरोपियों ने उन्हें बड़ी राशि निवेश करने के लिए प्रेरित किया और धीरे-धीरे अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाए। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपियों ने यह भी कहा कि उनके शेयरों की अधिक मात्रा में आवंटन हुआ है और अगर अतिरिक्त राशि जमा नहीं की गई, तो उनके खाते में लेनदेन पर रोक लगाई जा सकती है.


जांच जारी

जब पीड़ित ने पैसे देने से मना किया, तो उनका ऐप अकाउंट ब्लॉक कर दिया गया, व्हाट्सऐप ग्रुप से हटा दिया गया और दिखाए गए सभी मुनाफे का कोई अता-पता नहीं रहा। शिकायतकर्ता ने बताया कि इस प्रकार उनसे 75.64 लाख रुपये की ठगी की गई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि साइबर क्राइम पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाया जा रहा है कि किन खातों में राशि ट्रांसफर की गई है। संदिग्ध खातों में लेनदेन पर रोक लगाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।