नेपाल के पर्वतारोही निर्मल पुर्जा की दुखद मौत, हिमस्खलन में आए शिकार
निर्मल पुर्जा का पर्वतारोहण करियर और दुखद अंत
नेपाल के प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुर्जा, जो साहसिकता के लिए जाने जाते थे, एक दुखद हादसे में अपनी जान गंवा बैठे। गिलगित-बाल्टिस्तान में स्थित ब्रॉड पीक पर चढ़ाई के दौरान वह हिमस्खलन की चपेट में आ गए। यह घटना लगभग 8000 मीटर की ऊंचाई पर हुई, जिसने पर्वतारोहण की दुनिया को गहरा सदमा दिया है।
निर्मल पुर्जा अपनी अदम्य इच्छाशक्ति और खतरनाक चोटियों को फतह करने के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध थे। उन्होंने कम समय में सभी 14 आठ हजार मीटर से ऊंची चोटियों को सफलतापूर्वक चढ़कर इतिहास रचा। उनके साहस और उपलब्धियों के कारण उन्हें दुनिया के सबसे प्रेरणादायक पर्वतारोहियों में गिना जाता था।
रिपोर्टों के अनुसार, जब पुर्जा ब्रॉड पीक पर चढ़ाई कर रहे थे, तभी अचानक बर्फ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर गिर गया। इस हिमस्खलन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। बचाव दल ने उन्हें निकालने की कोशिश की, लेकिन गंभीर परिस्थितियों के कारण उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
निर्मल पुर्जा का पर्वतारोहण करियर चुनौतियों से भरा रहा। वह पहले ब्रिटिश सेना की विशेष इकाई में सेवा दे चुके थे और बाद में पर्वतारोहण को अपना जुनून बना लिया। 2019 में, उन्होंने अपने ऐतिहासिक अभियान 'Project Possible' के तहत दुनिया की 14 सबसे ऊंची चोटियों को रिकॉर्ड समय में चढ़कर पूरी दुनिया का ध्यान आकर्षित किया।
उनकी मृत्यु की खबर सुनकर पर्वतारोहण समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है। विश्वभर के पर्वतारोहियों और उनके प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके साहस, समर्पण और उपलब्धियों को याद किया।
निर्मल पुर्जा ने अपने जीवन में कई बार मौत को मात देकर ऊंचे पहाड़ों पर तिरंगा और मानव साहस की कहानी लिखी थी। लेकिन इस बार हिमालय की कठोर परिस्थितियों ने इस वीर पर्वतारोही की जिंदगी की आखिरी चढ़ाई तय कर दी। उनका नाम हमेशा दुनिया के महान पर्वतारोहियों में सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
