दक्षिण कोरिया के जहाज पर ईरानी मिसाइल हमले की जांच में नए खुलासे

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की है जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य में एचएमएम नामू पर हुए हमले में ईरानी एंटीशिप मिसाइल के इस्तेमाल की संभावना का उल्लेख किया गया है। इस घटना के बाद, दक्षिण कोरिया ईरान के राजदूत को तलब करने की योजना बना रहा है। हमले के दौरान जहाज पर मौजूद चालक दल के सदस्यों को गंभीर नुकसान पहुंचा है। इस मामले में ईरानी अधिकारियों ने किसी भी संलिप्तता से इनकार किया है।
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ईरानी एंटीशिप मिसाइल का उपयोग होने की संभावना

दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में एचएमएम नामू पर हुए हमले में ईरान निर्मित एंटीशिप मिसाइल के इस्तेमाल की संभावना बहुत अधिक है। यह जहाज दक्षिण कोरिया की प्रमुख शिपिंग कंपनी एचएमएम द्वारा संचालित किया जाता है। योनहाप समाचार एजेंसी के अनुसार, यह निष्कर्ष राष्ट्रीय खुफिया आकलन पर आधारित है, जिसमें प्रथम उप विदेश मंत्री पार्क यूनजू ने कहा कि सरकार ने 'तकनीकी विश्लेषण' के आधार पर यह निर्णय लिया है। इस व्यापक फोरेंसिक समीक्षा में हथियार के स्रोत की पहचान के लिए वारहेड के आकार और गैस के मलबे के रंग का मूल्यांकन किया गया।


हमले की घटनाएं और उनके परिणाम

दक्षिण कोरिया के जहाज पर ईरानी मिसाइल हमले की जांच में नए खुलासे


पार्क ने हमले की घटनाओं का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि 4 मई को एचएमएम नामू पर दो अज्ञात विमानों ने हमला किया। पहले वारहेड को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया गया, जबकि दूसरा फट गया। पहले हमले ने इंजन रूम में आग लगा दी, जबकि दूसरे हमले ने आग को तेजी से पूरे जहाज में फैला दिया। मलबे के विवरण के अनुसार, प्रणोदन प्रणाली एक 'ईरानी टर्बोजेट इंजन' से मेल खाती थी, और पुर्जों पर ऐसे निशान मिले जो एक ईरानी निर्माता के होने का संकेत देते हैं। दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने बताया कि घटना के समय जहाज पर 24 चालक दल के सदस्य मौजूद थे, जिन्हें गंभीर संरचनात्मक क्षति का सामना करना पड़ा। जहाज के पिछले हिस्से पर प्रभाव क्षेत्र लगभग पांच मीटर चौड़ा था और यह लगभग सात मीटर तक फैला हुआ था।


ईरान के राजदूत को तलब करने की योजना

जांच के निष्कर्षों के आधार पर, सियोल इस घटना को लेकर ईरान के राजदूत को तलब करने की योजना बना रहा है, जो समुद्री हमले पर औपचारिक राजनयिक विरोध का संकेत है। इस हमले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की हैं, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने आरोप लगाया है कि तेहरान ने पनामा ध्वज के तहत चलने वाले जहाज पर हमले किए। दूसरी ओर, ईरानी अधिकारियों ने इस घटना में किसी भी प्रकार की संलिप्तता से इनकार किया है।