डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर फिर किया हमला, शांति समझौते में देरी

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर एक बार फिर से हमला किया है, जब स्विट्जरलैंड में होने वाले अंतरिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर में देरी हुई। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने निराशा में मुलाकात नहीं की, बल्कि ईरान ने की। ट्रंप ने ईरान की वर्तमान स्थिति पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि युद्ध ने ईरान को कमजोर कर दिया है। जानें इस बयान के पीछे की पूरी कहानी और ट्रंप के विचार।
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ट्रंप का ईरान पर बयान


डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को ईरान पर फिर से हमला बोला, जब स्विट्जरलैंड में होने वाले अंतरिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर में देरी हुई। मोजतबा के 'निराश अमेरिका' बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने निराशा में मुलाकात नहीं की, बल्कि तेहरान ने की। उन्होंने कहा, "वे खत्म हो चुके हैं।" राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि वाशिंगटन 60 दिनों का समय (अंतरिम शांति समझौते की अवधि) बिताएगा, लेकिन ईरान को कोई पैसा नहीं मिलेगा, न ही दस सेंट। ट्रंप ने कहा, "हमने निराशा में मुलाकात नहीं की, ईरान ने की। वे खत्म हो चुके हैं! हम 60 दिनों का समय बिताएंगे। उन्हें कोई पैसा नहीं मिलेगा, न ही दस सेंट।"


एक अन्य बयान में, अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान समझौते के आलोचकों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, "युद्ध ने ईरान को कमजोर कर दिया है! अब उनके पास न तो वायु सेना है, न नौसेना, न एंटी-एयरक्राफ्ट उपकरण, न रडार, और न ही कुछ और। फिर भी डेमोक्रेट्स कहते हैं कि ईरान अब चार महीने पहले से बेहतर स्थिति में है। क्या आप सोच सकते हैं कि ऐसा कैसे हो सकता है??? कुछ लोग कितने बेवकूफ हो सकते हैं???"