डोनाल्ड ट्रंप की चीन यात्रा: व्यापारिक समझौतों और जी2 की पहचान
ट्रंप की चीन यात्रा का महत्व
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हाल ही में चीन की यात्रा से लौटे हैं, जहां उन्होंने राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ महत्वपूर्ण वार्ता की। ट्रंप ने इसे 'दो महान देशों के नेताओं की मुलाकात' करार दिया। शुक्रवार शाम को, ट्रंप मैरीलैंड के 'जॉइंट बेस एंड्रूज' पहुंचे और इस यात्रा के दौरान हुए व्यापारिक समझौतों का जिक्र किया। इनमें बोइंग के 200 विमानों की बिक्री और भविष्य में 750 अतिरिक्त विमानों की खरीद का वादा शामिल है। इसके अलावा, उन्होंने चीन द्वारा अमेरिकी कृषि क्षेत्र को समर्थन देने की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया।
बृहस्पतिवार को शी चिनफिंग के साथ हुई मुलाकात के बाद, ट्रंप ने 'फॉक्स न्यूज' को दिए साक्षात्कार में कहा, 'ये दो महान देश हैं। मैं इसे 'जी2' कहता हूं। मुझे लगता है कि यह इतिहास में एक महत्वपूर्ण क्षण के रूप में याद किया जाएगा।' 'द वाशिंगटन पोस्ट' के अनुसार, ट्रंप के इस बयान ने चीन को वह मान्यता दी है, जिसकी राष्ट्रपति शी लंबे समय से अपेक्षा कर रहे थे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दो दिनों तक चली बैठकों में भव्य स्वागत और दोनों नेताओं के बीच मित्रता का प्रदर्शन हुआ, जिसने उस भूराजनीतिक समीकरण को स्पष्ट किया, जिसकी चीन लंबे समय से इच्छा कर रहा था।
ट्रंप ने आगे कहा कि शी चिनफिंग के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जब तक वह सत्ता में हैं, तब तक चीन ताइवान के खिलाफ कोई आक्रामक कदम नहीं उठाएगा। ट्रंप ने कहा, 'यह ताइवान पर कब्जे का मामला नहीं है। वे केवल यह नहीं चाहते कि ताइवान खुद को स्वतंत्र देश घोषित करे।' उन्होंने कहा कि उनके बाद चीन ऐसा कर सकता है।
ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने शी चिनफिंग को सितंबर में वाशिंगटन आने का निमंत्रण दिया है।
