ट्रंप का ईरान पर बमबारी से इनकार, पाकिस्तान के प्रति सद्भावना का इजहार
ट्रंप का ईरान के साथ युद्धविराम पर बयान
वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को यह घोषणा की कि उन्होंने पाकिस्तान के प्रति सद्भावना दिखाने के लिए ईरान के साथ युद्धविराम पर सहमति बनाई है। उन्होंने फारस की खाड़ी में ईरान पर किसी भी प्रकार की बमबारी से इनकार किया। ट्रंप ने बताया कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के पक्षधर हैं। अमेरिका और इजराइल के बीच ईरान के साथ युद्ध 28 फरवरी को शुरू हुआ था, और आठ अप्रैल को पाकिस्तान की मध्यस्थता से युद्धविराम पर सहमति बनी।
ट्रंप की पाकिस्तान के नेताओं की प्रशंसा
ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "हमने दूसरे देशों के अनुरोध पर युद्धविराम किया। इससे मुझे व्यक्तिगत लाभ होता, लेकिन हमने पाकिस्तान के प्रति सद्भावना दिखाने के लिए ऐसा किया। फील्ड मार्शल और प्रधानमंत्री दोनों ही अद्भुत लोग हैं।" उन्होंने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के अपने संकल्प को भी दोहराया।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर ट्रंप की टिप्पणी
ट्रंप ने ईरानी वार्ताकारों के दावों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके परमाणु केंद्रों को अमेरिकी हवाई हमलों से नुकसान पहुंचा है और वे परमाणु ईंधन को पुनः प्राप्त करने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा, "उन्होंने एक गंभीर रहस्य उजागर किया है। उनके पास इसे हटाने की तकनीक नहीं है, और न ही उनके पास समय है।"
इजरायल की चिंताएँ
ट्रंप के ईरान के प्रति बदलते रुख और पाकिस्तान के प्रति उनके प्रेम ने इजरायल की चिंताओं को बढ़ा दिया है। इजरायल को डर है कि ट्रंप उसे ईरान के खिलाफ अकेला छोड़ सकते हैं। इसके अलावा, उन्हें यह भी लगता है कि ट्रंप की नीतियों का लाभ ईरान और पाकिस्तान दोनों उठा सकते हैं, जिनसे इजरायल के संबंध तनावपूर्ण हैं।
