छत्तीसगढ़ में किसान के बेटे को मिला क्रिकेटर का नंबर, हुआ अनोखा अनुभव

छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक किसान के बेटे को गलती से भारतीय क्रिकेटर रजत पाटीदार का पुराना मोबाइल नंबर मिल गया। इसके बाद उसे विराट कोहली और एबी डिविलियर्स जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के कॉल आने लगे। यह घटना न केवल मनीष के लिए बल्कि पूरे गांव के लिए चर्चा का विषय बन गई। जानें कैसे मनीष ने इस अनोखी स्थिति का सामना किया और आखिरकार सिम वापस करने का निर्णय लिया।
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छत्तीसगढ़ में किसान के बेटे को मिला क्रिकेटर का नंबर, हुआ अनोखा अनुभव

एक अनोखी कहानी

छत्तीसगढ़ में किसान के बेटे को मिला क्रिकेटर का नंबर, हुआ अनोखा अनुभव


छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में एक दिलचस्प घटना सामने आई है। देवभोग थाना क्षेत्र के माडागांव में एक साधारण किसान के बेटे को गलती से भारतीय क्रिकेटर रजत पाटीदार का पुराना मोबाइल नंबर मिल गया। इसके बाद जो घटनाएं हुईं, वे किसी फिल्म की कहानी से कम नहीं थीं। उस युवक को विराट कोहली, यश दयाल और दक्षिण अफ्रीका के मशहूर क्रिकेटर एबी डिविलियर्स जैसे खिलाड़ियों के कॉल आने लगे।


कैसे मिला नंबर

गांव के किसान गजेंद्र बीसी के 21 वर्षीय बेटे मनीष बीसी ने 28 जून को देवभोग के एक मोबाइल सेंटर से सिम कार्ड खरीदा। मोबाइल संचालक शिशुपाल ने उसे एक नंबर अलॉट किया। कुछ दिनों बाद जब मनीष ने इस नंबर पर व्हाट्सएप इंस्टॉल किया, तो उनकी प्रोफाइल पिक्चर में रजत पाटीदार की तस्वीर दिखाई दी। पहले तो उसे लगा कि यह डिफॉल्ट सेटिंग है।


स्टार खिलाड़ियों के कॉल

इसके दो दिन बाद अंजान नंबर से कॉल आने लगे। कॉल करने वाले खुद को विराट कोहली, यश दयाल और एबी डिविलियर्स बता रहे थे। क्रिकेट के शौकीन मनीष को लगा कि उसके दोस्त मजाक कर रहे हैं। जब ये कॉल आते, तो वह भी मजे लेता। लेकिन कॉल करने वाले बार-बार उसे रजत पाटीदार कहकर पुकारते रहे।


रजत पाटीदार का कॉल

यह सिलसिला लगभग 15 दिनों तक चलता रहा। फिर एक दिन रजत पाटीदार ने मनीष को कॉल किया और सिम वापस करने का अनुरोध किया। पहले तो मनीष ने इसे मजाक समझा, लेकिन जब रजत ने कहा कि उसने थाने में शिकायत की है, तो मामला गंभीर हो गया। इसके बाद पुलिस गांव में पहुंच गई और मनीष को सिम लौटाने के लिए कहा।


पुलिस की जानकारी

देवभोग थाना प्रभारी फैजुल शाह होदा ने बताया कि रजत पाटीदार का नंबर किसी कारणवश 90 दिनों तक बंद रहा। टेलीकॉम कंपनी की प्रक्रिया के अनुसार, लंबे समय तक निष्क्रिय रहने पर नंबर को दोबारा अलॉट किया जा सकता है। मध्य प्रदेश साइबर सेल ने मनीष के पिता से संपर्क कर सिम वापस करने का अनुरोध किया, जिस पर उन्होंने सहमति दी।


युवकों की खुशी

गांव के किराना दुकान चलाने वाले 22 वर्षीय खेमराज और मानसिक रूप से कमजोर मनीष ने कहा कि यह घटना उनके लिए जीवन भर यादगार रहेगी। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए किसी लॉटरी से कम नहीं है। उन्होंने अपने क्रिकेट आइडल से बात की। दोनों युवकों ने कहा कि वे सिम अपने पास रख सकते थे, लेकिन खिलाड़ियों और पुलिस के अनुरोध पर उन्होंने सिम वापस कर दी।


भविष्य की उम्मीद

दोनों युवकों ने उम्मीद जताई कि रजत पाटीदार कभी न कभी उनसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क करेंगे। अब यह घटना पूरे गांव में चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि, पुलिस ने युवक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।