चीन ने ईरान के खिलाफ अमेरिका-इज़राइल के सैन्य अभियान की निंदा की

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह तनाव कभी नहीं होना चाहिए था और मौजूदा संघर्ष को समाप्त करने की आवश्यकता है। वांग ने सैन्य बल के प्रयोग को अस्वीकार्य बताया और ईरान में सत्ता परिवर्तन के प्रयासों का विरोध किया। इस बीच, इज़राइल ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं, जिससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
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चीन का कड़ा बयान

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के खिलाफ संयुक्त सैन्य कार्रवाई की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह तनाव 'कभी होना ही नहीं चाहिए था'। एक संवाददाता सम्मेलन में, वांग ने मौजूदा संघर्ष को तुरंत समाप्त करने और राजनयिक वार्ता की ओर लौटने का आग्रह किया।


सैन्य शक्ति का प्रयोग अस्वीकार्य

बीजिंग में आयोजित इस सम्मेलन में वांग ने स्पष्ट किया कि सैन्य बल का उपयोग क्षेत्र में गहरे संकट का समाधान नहीं कर सकता। उन्होंने चेतावनी दी कि बल प्रयोग से अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था कमजोर होती है और कहा कि मजबूत मुट्ठी का मतलब हमेशा मजबूत तर्क नहीं होता। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया को जंगल के कानून की ओर नहीं लौटना चाहिए।


चीन का ईरान के प्रति समर्थन

अल जज़ीरा के अनुसार, वांग ने ईरानी सरकार को अस्थिर करने के किसी भी प्रयास का चीन द्वारा कड़ा विरोध व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ईरान में सत्ता परिवर्तन के लिए कोई जनसमर्थन नहीं है, और ऐसे प्रयास क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकते हैं।


इज़राइल के हमले की पृष्ठभूमि

चीन की ओर से संयम बरतने का यह आह्वान तब आया है जब इज़राइल रक्षा बलों ने घोषणा की कि उनकी वायु सेना ने तेहरान में कई ईरानी सैन्य ठिकानों पर लक्षित हमले किए हैं। सैन्य अधिकारियों के अनुसार, आईआरजीसी से संबंधित कई ईंधन भंडारण परिसरों पर हमले किए गए हैं।