ग्रेटर नोएडा का बूढ़ा बाबू तालाब: धार्मिक आस्था का केंद्र, लेकिन बदहाल स्थिति में
बूढ़ा बाबू तालाब की deteriorating स्थिति
Greater Noida News: ग्रेटर नोएडा के दादरी कस्बे में स्थित बूढ़ा बाबू तालाब, जो ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। इस तालाब को अमृत सरोवर योजना के तहत पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का वादा किया गया था, लेकिन करोड़ों की योजना अब तक कार्यान्वित नहीं हो सकी है। परिणामस्वरूप, यह तालाब गंदगी और उपेक्षा का प्रतीक बन गया है.
स्थानीय लोगों की आस्था
स्थानीय निवासियों का मानना है कि बूढ़ा बाबू तालाब से उनकी गहरी धार्मिक आस्था जुड़ी हुई है। कहा जाता है कि इस तालाब के जल में स्नान करने से त्वचा रोगों में राहत मिलती है। इसी कारण, दिसंबर 2022 में दादरी विधायक तेजपाल सिंह नागर ने तालाब के सौंदर्यकरण और पर्यटन केंद्र के विकास की योजना बनाई थी, जिसके लिए नगर पालिका को लगभग 1.27 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था.
तालाब में पानी की कमी
योजना के अनुसार, तालाब के किनारे घाट, हरित पट्टी, स्ट्रीट लाइट और बीच में आकर्षक फाउंटेन स्थापित किए जाने थे। प्रारंभ में तालाब के चारों ओर चारदीवारी का निर्माण भी किया गया, लेकिन इसके बाद परियोजना ठप हो गई। नगर पालिका ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया। समय के साथ तालाब की स्थिति इतनी खराब हो गई कि अब यहां पानी भी नहीं है। लोग इसे कूड़ा डालने और खुले में शौच के लिए इस्तेमाल करने लगे हैं, जिससे तालाब के आसपास गंदगी और बदबू का अंबार लग गया है.
फंड की कमी से रुका विकास कार्य
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि तालाब की खराब स्थिति का असर धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों पर भी पड़ा है। पहले यहां हर साल मेला लगता था, लेकिन अब यह परंपरा भी समाप्त हो गई है। नगरवासियों ने प्रशासन और नगर पालिका से तालाब को उसके पुराने स्वरूप में पुनर्जीवित करने की अपील की है। वहीं, नगर पालिका के अधिकारियों का कहना है कि बजट की कमी के कारण काम रुका हुआ है। शासन स्तर पर अतिरिक्त बजट की मांग की गई है और उम्मीद है कि अगले महीने धनराशि मिलने के बाद विकास कार्य फिर से शुरू होंगे.
